आधुनिकीकरण: इन शहरों में भी बनेंगे गांधीनगर जैसे नए शानदार रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मंदिर की तरह होगा डिजाइन
रेलवे बोर्ड के चैयरमेन सुनीत शर्मा के अनुसार, गुजरात गांधीनगर रेलवे स्टेशन के अलावा भोपाल के हबीबगंज और बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया के स्टेशन का काम अंतिम चरणों में है। इसके अलावा दिल्ली के बिजवासन और सफदरजंग स्टेशन, लखनऊ स्थित गोमतीनगर और धार्मिक नगरी अयोध्या रेलवे स्टेशन के कायाकल्प काम भी जोरों पर है..
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गुजरात स्थित गांधीनगर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने जा रहे हैं। गांधीनगर रेलवे स्टेशन देश का पहला ऐसा रेलवे स्टेशन है जो अपग्रेडेड है और जहां पर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसा ही अनुभव होने वाला है। भारतीय रेलवे इस तरह के देश में करीब सात अपग्रेडेड रेलवे स्टेशन बनाने जा रही है।
रेलवे बोर्ड के चैयरमेन सुनीत शर्मा के अनुसार, गुजरात गांधीनगर रेलवे स्टेशन के अलावा भोपाल के हबीबगंज और बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया के स्टेशन का काम अंतिम चरणों में है। जल्द ही दोनों स्टेशन भी बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके अलावा दिल्ली के बिजवासन और सफदरजंग स्टेशन, लखनऊ स्थित गोमतीनगर और धार्मिक नगरी अयोध्या रेलवे स्टेशन के कायाकल्प काम भी जोरों पर है।
भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का काम अंतिम चरणों में
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन को भी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है। इस स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। नए स्टेशन पर यात्रियों के आने और जाने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। स्टेशन के प्लैटफॉर्म, कॉनकोर्स, लाउंज, शयनकक्ष और रिटायरिंग रूम में बैठने की पर्य़ाप्त व्यवस्था और दिव्यांग अनुकूल सुविधाओं जैसे लिफ्ट, एस्केलेटर्स और ट्रैवेलेटर्स की भी सुविधा की गई है।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए नई सुरक्षा तकनीक के साथ फायर सेफ्टी, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, स्कैनिंग मशीन, आधुनिक साइनेज और सूचना डिस्प्ले लगाए गए हैं। स्टेशन का निर्माण अगले 50 साल को देखते हुए किया जा रहा है। इस रेलवे स्टेशन को पर्यावरण के अनुकूल निर्माण के साथ हरित भवन मापदंडों के अनुसार बनाया गया है। इसकी बिजली की मांग का लगभग 70 फीसदी सौर ऊर्जा के उपयोग से पूरा किया जाएगा। रेलवे स्टेशन की कुल बिजली की मांग 950 किलोवाट है, और रेलवे प्लेटफॉर्म शेल्टर पर लगाए गए फोटोवोल्टिक सेल 660 किलोवाट तक की बिजली उत्पादित कर सकते हैं।
बेंगलुरु का रेलवे स्टेशन की झलक एयरपोर्ट जैसी
बेंगलुरु में भारत के केंद्रीयकृत वातानुकूलित रेलवे टर्मिनल का भी उद्घाटन के लिए तैयार है। भारत रत्न सर एम विश्वेश्वरैया के नाम पर बेंगलुरु शहर के बैयप्पनहल्ली क्षेत्र में स्थित यह रेलवे टर्मिनल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और हवाई अड्डे जैसी झलक पेश करता है। इसमें एक ऊपरी श्रेणी का प्रतीक्षालय, एक डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली के साथ एक वीआईपी लाउंज और भव्य फूडकोर्ट बनाया गया है।
इसमें चार लाख लीटर क्षमता का अपना जल पुनर्चक्रण संयंत्र के साथ ही 250 कारों की पार्किंग, 900 दोपहिया, 50 ऑटोरिक्शा, पांच बीएमटीसी बसें और 20 टैक्सी पार्क की जा सकती हैं। इस स्टेशन भवन का निर्माण 314 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसमें दो सब-वे के साथ एक फुट ओवरब्रिज सभी प्लेटफार्मों को एक-दूसरे से जोड़ेगा। टर्मिनल में आठ स्टेबल लाइन और तीन पिट लाइन के अलावा सात प्लेटफॉर्म हैं। हर दिन टर्मिनल से 50 ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है।
अयोध्या स्टेशन का लुक मंदिर जैसा होगा
राम मंदिर के साथ अयोध्या का रेलवे स्टेशन भी जल्द ही भव्य रूप में नजर आएगा। इस स्टेशन का लुक मंदिर जैसा होगा और स्टेशन के मुख्य द्वार पर स्टेनलेस स्टील का फाटक लगाया जाएगा। रिडेवलपमेंट के अंतर्गत स्टेशन का कायाकल्प करने में रेलवे को करीब तीन साल का समय लगेगा।
An artistic view of redeveloped Ayodhya Railway Station: Redevelopment work of Ayodhya Railway Station going on in full swing.
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) August 4, 2020
अयोध्या रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का एक कलात्मक दृश्य: अयोध्या रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास का कार्य तेजी से हो रहा है। pic.twitter.com/6CAP4qusWO
104 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या रेलवे स्टेशन का अपग्रेडेशन किया जाएगा, इसमें बजट में 18.16 करोड़ रुपये पहली किश्त के रूप में आवंटित किए गए हैं। इस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को लिफ्ट, एस्केलेटर, फुटओवर ब्रिज, फ्री वाईफाई, वेटिंग लाउंज, प्लैटफॉर्मों पर वाटर वेंडिंग मशीन, वाटर कूलर, सर्कुलेटिंग एरिया में शौचालय, फूडकोर्ट सहित तमाम सुविधाएं दी जाएंगी।
90 स्टेशनों को प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की तैयारी
पिछले दिनों एक रिपोर्ट आई थी जिसके मुताबिक 90 रेलवे स्टेशनों के रख-रखाव की पूरी जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। रेलवे बोर्ड चाहता है कि इन स्टेशनों पर सिक्योरिटी इन्फ्रा को मजबूत किया जाए। इसके लिए प्राइवेट कंपनियों की तरफ से संचालन किए जा रहे एयरपोर्ट के मॉडल पर विचार किया जा रहा है।