'देश की शिक्षा राजनीतिक पार्टी की राजनीति का विषय नहीं'
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मंत्रालय में पदभार ग्रहण करते हुए प्रकाश जावडेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाए। साथ ही शिक्षा को अर्थपूर्ण भी बनाया जाए। उन्होंने साफ किया कि देश में शिक्षा और बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और स्मृति ईरानी समेत अन्य लोगों की मदद ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान लिए गए अच्छे निर्णयों को और आगे ले जाया जाएगा। नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा को लेकर पूर्व मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी से भी वो बात करेंगे। मुरली मनोहर जोशी अभी मार्गदर्शक मंडल में शामिल हैं।
स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान मानव संसाधन मंत्रालय काफी विवादों में रहा
आपको बताते चले कि स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान मानव संसाधन मंत्रालय काफी विवादों में रहा था। दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या से लेकर, जेएनयू विवाद और शिक्षा का भगवाकरण करने को लेकर स्मृति विवादों में रही हैं।
जावडेकर ने कहा कि शिक्षा 'पार्टी पॉलिटिक्स' का हिस्सा नहीं है। यह एक महत्वपूर्ण विषय है और हम इसको लेकर सबसे चर्चा करेंगे। उन्होंने खुद को जेपी आंदोलन का हिस्सा बताते हुए कहा कि मैं खुद उस आंदोलन से सीख कर निकला हूं। जावडेकर ने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो बदलाव लेकर आए।
साथ ही वो भारत का 21वीं सदी में क्या रोल है, इसको तय कर सके। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि जिंदगी को नया अर्थ मिल सके। गरीब अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जीतोड़ मेहनत करते हैं। तो हमारी पूरी कोशिश होगी कि शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को छात्र केंद्रित होगी।