बंगाल में विवाद: दिलीप घोष ने दी ममता बनर्जी को बरमूडा पहनने की सलाह, टीएमसी ने कहा- स्तरहीन टिप्पणी
चुनाव में तिल का ताड़ बनाना कोई अनूठी बात नहीं है। हर छोटी-मोटी बात का बतंगड़ बनाकर उससे वोटों की जुगाड़ करने में हर दल को महारत है। अब बंगाल में बरमूड विवाद पैदा हो गया है। चोटिल ममता बनर्जी को कथित तौर पर दी गई सलाह में भाजपा नेता दिलीप घोष घिर रहे हैं।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की कथित टिप्पणी से नया विवाद पैदा हो गया है। घोष एक वीडियो में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कथित तौर पर यह सलाह देते नजर आ रहे हैं कि उन्हें अपना चोटिल पैर दिखाने के लिए ‘बरमूडा’ पहनना चाहिए। घोष ने किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह बात ममता बनर्जी के लिए कही गई है। टीएमसी ने इसे स्तरहीन टिप्पणी करार दिया है। इसे लेकर सोशल मीडिया में महिलाओं ने भी आक्रोश व्यक्त किया।
इस कथित वीडियो में घोष सोमवार को पुरुलिया में एक चुनावी सभा में घोष यह कहते सुने जा रहे हैं कि प्लास्टर उतारे जाने के बाद पैर पर पट्टी बांध दी गई थी और वह हर किसी को पैर दिखा रही हैं।
भाजपा सांसद को कथित तौर पर कहते हुए सुना गया, 'वह ऐसे साड़ी पहन रही हैं कि एक पैर ढका हुआ है जबकि दूसरा दिखाने के लिए खुला रखा गया है। किसी को इस तरह साड़ी पहने नहीं देखा।' उन्होंने कहा, 'अगर उन्हें दिखाने के लिए पैर का प्रदर्शन करना है तो वह बरमूडा पहन सकती हैं। इससे ज्यादा बेहतर तरीके से नजर आएगा।'
घोष से ऐसी ही टिप्पणियों की उम्मीद
भाजपा नेता की इस कथित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बंगाली में किए गए एक ट्वीट में कहा, 'हम दिलीप घोष से ऐसी ही स्तरहीन टिप्पणियों की उम्मीद कर सकते हैं।' इसमें कहा गया, 'एक महिला मुख्यमंत्री के बारे में उनकी निंदनीय टिप्पणी यह साबित करती है कि बंगाल भाजपा के नेता नहीं जानते कि महिलाओं के प्रति सम्मान कैसे दिखाना है। बंगाल की माताएं और बहनें ममता बनर्जी के इस अपमान का दो मई को उचित जवाब देंगी।'
सांसद काकोली ने कहा-जहर उगल रहे घोष
महुआ मोइत्रा भी भड़क उठी
दिलीप घोष की कथित टिप्पणी पर ट्वीट करते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'भाजपा के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष ने जनसभा में पूछा कि ममता दी साड़ी क्यों पहन रही हैं, उन्हें बरमूडा शॉर्ट्स पहनना चाहिए जिससे अपना पैर अच्छे से दिखा सकें। इन विकृत….(लोगों को) को लगता है कि वे बंगाल जीतने जा रहे हैं।'
भाजपा प्रवक्ता शमिक बोले-टिप्पणी पर विवाद की जरूरत नहीं
उधर भाजपा प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस टिप्पणी पर विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। भट्टाचार्य ने कहा, 'मुझे लगता है कि इन टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मुख्यमंत्री भाजपा और हमारे नेताओं के खिलाफ कई तीखी टिप्पणी करती हैं। दिलीप घोष एक सज्जन व्यक्ति हैं। अगर उन्होंने रैली में ऐसी टिप्पणी की भी है तो यह दिमाग में रखना चाहिए कि चुनावी सभाओं में कई बातें कही जाती हैं जिन्हें हमेशा गंभीरता से नहीं देखा जाना चाहिए।' घोष मुख्यमंत्री की काफी इज्जत करते हैं। इसलिये कोई विवाद नहीं खड़ा किया जाना चाहिए।”
दिलीप घोष से संपर्क नहीं हुआ
पुरुलिया जिले में मंगलवार को प्रचार कर रहे घोष से उनकी प्रतिक्रिया के लिए समाचार एजेंसी ने प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
फेसबुक पर भी कुछ महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की।
फेसबुक उपयोगकर्ता चैताली विश्वास ने अपनी टाइमलाइन पर लिखा, “प्रिय दिलीपदा। अगर पुरुष अपने पैर दिखाते हुए बरमूडा पहनकर बाहर जा सकते हैं तो महिलाएं उम्मीद करती हैं कि उनके बरमूडा पहनने पर भी आपको कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह दोनों (पुरुषों व महिलाओं) के लिये बेहद आरामदेह है। और निश्चित रूप से मुख्यमंत्री अगर चाहें तो इसे पहन सकती हैं।”
गौरतलब है कि 10 मार्च को नंदीग्राम में अपना नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चोटिल हो गई थीं।