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PMO: प्रधानमंत्री कार्यालय वाला नया परिसर अब सेवा तीर्थ, देश के सभी राजभवनों का नाम लोकभवन करने का एलान

Tue, 02 Dec 2025 03:53 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 02 Dec 2025 03:53 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला किया है। सरकार ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदलकर सेवातीर्थ करने का एलान किया है। इसी के साथ केंद्रीय सचिवालय और राजभवनों के नाम बदलने पर भी फैसला हुआ है। 
 

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New complex housing the Prime Minister's Office to be called 'Seva Teerth lokbhawan
केंद्रीय सचिवालय - फोटो : एएनआई

विस्तार

केंद्र सरकार ने एक अहम फैसले में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) वाले नए परिसर का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत निर्मित यह परिसर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कार्यालय होगा। पहले इस जगह को एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव नाम दिया गया था।

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अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सेवा तीर्थ को एक ऐसा कार्यस्थल बनाया जा रहा है, जहां सेवा भावना ही सर्वोपरि होगी और राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएं आकार लेंगी। सेवा, कर्तव्य और पारदर्शिता को शासन का आधार बनाने के प्रयासों के तहत राज्यों में राज्यपालों के आवास के नाम राजभवन से बदलकर लोकभवन करने की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है।
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अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) जल्द ही साउथ ब्लॉक के अपने पुराने दफ्तर से निकलकर नए सेवा तीर्थ परिसर में में शिफ्ट हो जाएगा। नया पीएमओ सेवा तीर्थ-1 परिसर से काम करेगा। इस परिसर में सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय होंगे और सेवा तीर्थ-3 राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) का दफ्तर होगा।
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मोदी सरकार सत्ता नहीं, सेवा की पर्याय रही: शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पिछले 11 वर्षों से मोदी सरकार सत्ता नहीं, सेवा की पर्याय रही है, जिसमें सत्ता का सर्वोच्च नेता स्वयं को प्रधानसेवक मानकर जनता के लिए सातों दिन, 24 घंटे काम कर रहे हैं। इसी दिशा में प्रधानमंत्री ने सेवा के संकल्प को दोहराते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ नाम दिया है। साथ ही, राजभवन और राज निवास का नाम बदलकर लोक भवन और लोक निवास किया जा रहा है। यह, सेवा और सुशासन को सर्वोपरि रखते हुए विकसित तथा हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत के निर्माण की स्वर्णिम यात्रा में एक अहम पड़ाव है।

राजभवन अब होंगे लोकभवन
इन बदलावों के साथ-साथ केंद्र सरकार ने देश में राज भवनों का नाम बदल कर लोक भवन करने का भी एलान किया है। इसके पहले दिल्ली में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया था। वहीं प्रधानमंत्री आवास अब लोक कल्याण मार्ग कहलाता है।

इन बदलावों के बीच उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत देश के 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश ने अपने राजभवनों के नाम में बदलाव किया गया है। यह बदलाव गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक निर्देश के बाद किए गए हैं। मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन में हुई एक चर्चा का हवाला देते हुए कहा है कि राजभवन नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। 

गृह मंत्रालय का पत्र
राज्यों के गवर्नर और  केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर के मुख्यसचिव या सचिव को लिखे एक पत्र में गृह मंत्रालय ने पिछले साल हुई राज्यपालों की कॉन्फ्रेंस में दिए गए सुझाव का जिक्र किया है। जिसमें राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन कर दिया जाए क्योंकि राजभवन शब्द से कॉलोनियलिज़्म को दर्शाता है। गृह मंत्रालय के निर्देश में कहा गया है, इसलिए यह गुजारिश की जाती है कि सभी आधिकारिक कामों के लिए राज्यपाल और लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालयों का नाम ‘लोकभवन’ और ‘लोक निवास’ रखा जाए। 

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इन राज्यों ने बदले अपने राज भवनों के नाम
गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने कार्यालयों से ‘राज’ शब्द हटाना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा ने ‘राजभवन’ का नाम बदलकर ‘लोकभवन’ कर दिया है। लद्दाख के राज निवास का नाम बदलकर ‘लोक निवास’ कर दिया गया है। इस सूची में एक और राज्य जुड़ गया है। राजस्थान ने भी राजभवन का नाम बदलने का एलान कर दिया है। 

अंग्रेजों की निशानियों को मिटाने पर जोर
मोदी सरकार भारत में अंग्रेजों की निशानियों को मिटाने पर काम कर रही है। इसने पहले मोदी सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया था। सरकारी वेबसाइटें अब पहले हिंदी में कंटेंट दिखाती हैं, हालांकि अंग्रेजी का ऑप्शन भी दिया जाता है। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में बैंड अब ‘एबाइड विद मी’ जैसे इंग्लिश गाने नहीं बजाए जाते हैं।



 

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