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नेताजी सुभाषचंद बोस के बॉडीगार्ड रामफल नहीं रहे, 108 वर्ष की आयु में निधन
गुलावठी।
Updated Thu, 10 Nov 2016 05:33 AM IST
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नेताजी सुभाष चंद बोस के बॉडी गार्ड रहे आजाद हिंद फौज के जवान रामफल सिंह का 108 साल की आयु में मंगलवार रात को निधन हो गया। औलेढ़ा गांव में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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इस दौरान क्षेत्र के हजारों लोग मौजूद रहे। वह दो दशक तक नेताजी का दर्शन करने के लिए देशभर का दौरा करते रहे। वह मानते थे कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी। उनकी प्रेरणा से क्षेत्र के सौ से ज्यादा युवक सेना में भर्ती हुई।
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ग्राम औलेढ़ा निवासी रामफल सिंह यादव आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे थे। वह आजाद हिंद फौज में नेताजी सुभाषचंद बोस के बॉडीगार्ड रहे थे। उनके पौत्र अनिल कुमार ने बताया कि वह सिंगापुर, जर्मन, वर्मा और जापान में दिनरात नेताजी के साथ रहे। नेताजी उनपर बड़ा विश्वास करते थे। वह नेताजी का साहस और देशभक्ति देखकर उनकी सेवा में लगातार समर्पित रहे।
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रामफल सिंह का मानना था कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी। वह एक दिन जरूर लौटकर आएंगे। देश में कई बार नेताजी के साधू वेश में होने की चर्चाएं होती थीं, ऐसे में वह दो दशक तक देश में नेताजी के दर्शनों के लिए भटकते रहे।
मंगलवार रात 108 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ ग्राम औलेढ़ा में किया गया। अंतिम संस्कार में पुलिस गारद ने सलामी दी। एसडीएम सदर अरुण यादव, सीओ यशवीर सिंह, तहसीलदार जीत सिंह सैनी एवं थानाध्यक्ष हरेराम सिंह यादव सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
चिता को मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र दयाचंद सिंह ने दी। वर्ष 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए ताम्र पत्र भेंट किया गया था।
उनकी प्रेरणा से क्षेत्र के सौ से ज्यादा युवा सेना में भर्ती हुए। वह युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करते रहते थे। रामफल सिंह के बड़े पुत्र दुलीचंद यादव सेना से रिटायर हो चुके हैं। उनके तीन पौत्र राकेश आसाम में, मुकेश यादव राजस्थान में और सोनू यादव बार्डर पर तैनात हैं। रामफल सिंह 105 साल की आयु तक गांव के सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे थे। दो साल से उनका स्वास्थ्य खराब रहता था।