फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NEET-UG irregularities NTA Reforms Committee Head former ISRO Chief Dr Radhakrishnan News in Hindi

NTA Reforms: डॉ. राधाकृष्णन सुधार के लिए बनी समिति के अध्यक्ष, हर पदाधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी

Sun, 23 Jun 2024 06:03 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 23 Jun 2024 06:03 AM IST
सार

इसरो प्रमुख के रूप में डॉ. राधाकृष्णन की पहली प्राथमिकता जीएसएलवी के लिए स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन को तैयार करना था। उन्होंने 1971 में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वी एसएससी) से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने सेटलाइट लॉन्च व्हीकल (एलएलवी) प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विज्ञापन
NEET-UG irregularities NTA Reforms Committee Head former ISRO Chief Dr Radhakrishnan News in Hindi
डॉ. राधाकृष्णन - फोटो : एएनआई

विस्तार

एनटीए में सुधार के लिए बनी समिति के अध्यक्ष डॉ. के राधाकृष्णन देश के जाने माने वैज्ञानिक हैं और मंगलयान की सफलता में उनकी अहम भूमिका है। डॉ. राधाकृष्णन के ही मार्गदर्शन में इसरो ने मंगलयान मिशन को प्रथम प्रयास में ही मंगल तक पहुंचाने का करिश्मा कर दिखाया, जो एक बड़ी उपलब्धि है। डॉ. जी माधवन नायर के रिटायरमेंट के बाद इसरो का अध्यक्ष पद संभाला।

विज्ञापन


इसरो प्रमुख के रूप में उनकी पहली प्राथमिकता जीएसएलवी के लिए स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन को तैयार करना था। डॉ. राधाकृष्णन ने 1971 में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वी एसएससी) से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने सेटलाइट लॉन्च व्हीकल (एलएलवी) प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के डायरेक्टर भी रहे हैं। डॉ. राधाकृष्णन 2009 से 2014 तक इसरो के अध्यक्ष रहे। उनके नेतृत्व में, भारत ने चंद्रयान-1 मिशन, मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) और जीसैट शृंखला के उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसमें सेटलाइट संचार, रिमोट सेंसिंग और अंतरिक्ष विज्ञान शामिल हैं। डॉ. राधाकृष्णन को 2014 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके नेतृत्व और वैज्ञानिक योगदान के लिए उन्हें कई अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। 
विज्ञापन


हर पदाधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी
एनटीए की संरचना एवं कार्यप्रणाली के लिए उच्चस्तरीय समिति को सबसे पहले प्रत्येक स्तर पर पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना होगा। इसके बाद एनटीए की वर्तमान शिकायत निवारण प्रणाली का आकलन कर और सुधार के क्षेत्रों की पहचान कर इसकी कार्यकुशलता बढ़ाने की भी सिफारिशें देनी होंगी। समिति किसी भी विषय विशेषज्ञ की मदद ले सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed