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नीट प्रदर्शन: पत्रकारों पर हमले के बाद CM शुभेंदु का बड़ा एक्शन, छह FIR दर्ज, गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई

Sat, 25 Jul 2026 01:40 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 25 Jul 2026 01:40 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि 70 उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है। उनके खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस को संयम बरतने के निर्देश दिए गए थे।

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NEET Protest Government swings into action following attacks on journalists in Bengal; CM orders strict action
शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को नीट पेपर लीक प्रदर्शन में पत्रकारों पर हुए हमलें की निंदा की। उन्होंने हाल ही में पारित गुंडा अधिनियम के तहत उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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विधानसभा में मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुक्रवार को कोलकाता में वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित विरोध रैली के दौरान पत्रकारों और फोटो पत्रकारों पर हुए हमले के संबंध में बयान देते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 70 लोगों की पहचान की गई है जो वहां मौजूद थे लेकिन उनका विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं था।

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कितने मामले दर्ज हुए?
इस मामले में कोलकाता पुलिस ने कुल छह एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, कई अपराधी छात्रों के प्रदर्शन में घुसपैठ कर गए थे और वे ही उस दिन हुई गुंडागर्दी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।

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जल्द कार्रवाई की दी आश्वासन
उन्होंने उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके साथ ही कहा कि हाल ही में पारित गुंडा अधिनियम की धाराएं आरोपियों के खिलाफ लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपद्रवियों ने जूते और पानी की बोतलें फेंककर शुरुआत की और फिर उन्होंने पत्रकारों को निशाना बनाया क्योंकि पुलिस ने स्थिति को और बिगाड़ने के कई प्रयासों के बावजूद उनके जाल में नहीं फँसा।

पुलिस को क्या आदेश दिया गया था?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य न्यायिक समिति के एक स्वघोषित सदस्य द्वारा घोषित 'संयुक्त कॉकरोज मार्च के बैनर तले, वामपंथी और अति-वामपंथी संगठनों ने शुक्रवार को एक रैली आयोजित की। मुख्यमंत्री ने कहा, 'एक लोकतांत्रिक देश में, कोई भी व्यक्ति कानून का पालन करते हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को स्थापित कर सकता है।' उन्होंने कहा कि पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि जब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए, तब तक कोई कार्रवाई न की जाए।


कोलकाता पुलिस को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि उपद्रवी चाहते थे कि पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर बल प्रयोग करे और स्थिति को नियंत्रण से बाहर होने दे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें ऐसा अवसर नहीं दिया। अधिकारी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल हुए छह पत्रकारों का सरकारी अस्पतालों में इलाज किया गया, जबकि कई अन्य को मामूली चोटें आईं।

पांच उपद्रवियों कौन हैं? 
मुख्यमंत्री ने पांच उपद्रवियों के नाम लिए - राजबागान के अफरोज, किडरपुर के नाहेद, इकबालपुर के तनवीर और निजाम और वाटगंज के राहुल जमाल, जो कथित तौर पर एस्प्लेनेड में नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को हुए हंगामे में शामिल थे।

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