नीट मुद्दे पर क्यों भड़का छात्रों का गुस्सा?: अभिजीत दिपके के खिलाफ लातूर में सड़कों पर उतरे, लगाए कई आरोप
लातूर में छात्रों ने अभिजीत दिपके के खिलाफ प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि उन्होंने नीट पेपर लीक का मुद्दा बीच में छोड़ दिया है। छात्रों ने मुआवजे से लेकर भविष्य में पेपर लीक रोकने तक कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि दिपके अब दूसरे मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं। आखिर नीट मामले में सरकार के आश्वासनों का क्या हुआ? छात्रों को अब दिपके से क्या जवाब चाहिए? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
लातूर में छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार को कॉकroach जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि दिपके ने नीट परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को बीच में छोड़ दिया और अब दूसरे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने गांधी चौक पर पोस्टर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि जब नीट मामले को लेकर आंदोलन शुरू हुआ था, तब उनसे कई उम्मीदें जगी थीं, लेकिन अब इस मुद्दे पर ठोस काम नहीं हो रहा है।
छात्रों ने अभिजीत दिपके से क्या सवाल पूछे?
प्रदर्शनकारियों ने दिपके से पूछा कि जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के आंदोलन के बाद सरकार की ओर से जो आश्वासन दिए गए थे, उनका क्या हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नीट पेपर लीक के बाद जिन छात्रों ने कथित तौर पर आत्महत्या की, उनके परिवारों को मुआवजा दिलाने के मुद्दे पर भी दिपके को केंद्र सरकार के सामने बात रखनी चाहिए। छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि भविष्य में परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
लातूर में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने क्या किया?
छात्र गांधी चौक पर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर दिपके के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने सीजेपी संस्थापक के पोस्टर पर चप्पल भी मारी। प्रदर्शनकारी समूह के नेता सतीश करांडे ने कहा कि वे करीब डेढ़ महीने से दिपके के संपर्क में थे, लेकिन उन्हें कथित तौर पर स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहे थे। उनके मुताबिक, छात्रों को उम्मीद थी कि नीट आंदोलन से जुड़े मुद्दों को दिपके लगातार उठाते रहेंगे।
दिपके पर छात्रों ने मुद्दा बीच में छोड़ने का आरोप क्यों लगाया?
- सतीश करांडे ने आरोप लगाया कि नीट मामले पर अब कुछ ठोस नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिपके पहले नीट आंदोलन के दौरान छात्रों की आवाज बने और उसके बाद जिला परिषद स्कूलों से जुड़ा मुद्दा उठाया, लेकिन उसे भी बीच में छोड़ दिया।
- प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अब दिपके मुंबई चले गए हैं और दूसरे मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। अगस्त में दिपके ने लातूर में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर स्कूल ठीक करो अभियान भी चलाया था।
अब दिपके किस मुद्दे को लेकर मुंबई में आंदोलन कर रहे हैं?
- अभिजीत दिपके और उनकी पार्टी मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है।
- ऐसे में लातूर में प्रदर्शन करने वाले छात्रों का सवाल है कि जब नीट से जुड़े कई सवाल अब भी बाकी हैं, तो दिपके ने इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के बजाय दूसरे मुद्दे को प्राथमिकता क्यों दी। दिपके पहले नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर चुके हैं और अगस्त में भी उन्होंने लातूर मामले की जांच की दिशा पर सवाल उठाए थे।
नीट आंदोलन से छात्रों की अब क्या उम्मीद है?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीट पेपर लीक का मुद्दा केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा जुड़ा है। इसलिए वे चाहते हैं कि इस मामले को फिर मजबूती से उठाया जाए और जिम्मेदारी तय करने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपाय किए जाएं। फिलहाल लातूर में छात्रों के प्रदर्शन ने अभिजीत दिपके के सामने यह सवाल खड़ा किया है कि नीट से जुड़े पुराने मुद्दों पर आगे की कार्रवाई कब होगी।