फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Need to ensure greater use of Chabahar port Jaishankar to Central Asia News In Hindi

Chabahar Port: विदेश मंत्री जयशंकर बोले- दूरी और लागत घटाने में चाबहार अहम; 7200 KM के INSTC का जिक्र भी किया

Fri, 06 Jun 2025 01:40 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 06 Jun 2025 01:40 AM IST
सार

भारत-मध्य एशिया बिजनेस सम्मेलन में भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह के ज्यादा इस्तेमाल की वकालत करते हुए कहा कि इससे व्यापारिक दूरी और लागत में कमी आएगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) में अधिक संसाधन लगाने की जरूरत पर जोर दिया।

विज्ञापन
Need to ensure greater use of Chabahar port Jaishankar to Central Asia News In Hindi
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : वीडियो ग्रैब/एक्स/डॉ.एस जयशंकर

विस्तार

भारत ने गुरुवार को व्यापारिक दूरी और लागत कम करने के लिए ईरान के चाबहार बंदरगाह के ज्यादा इस्तेमाल की वकालत की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और मध्य एशियाई देशों को क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए अधिक संसाधन लगाने की जरूरत है। इससे माल ढुलाई की दूरी और खर्च कम होगा।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भारत और मध्य एशिया के सभी देश ट्रांसपोर्ट इंटरनेशनॉक्स राउटर्स (टीआईआर) सिस्टम के सदस्य हैं, ऐसे में सीमा पार माल ढुलाई को सरल और तेज बनाना चाहिए। बता दें कि चाबहार बंदरगाह ईरान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है और भारत-ईरान मिलकर इसका विकास कर रहे हैं। जयशंकर ने आगे जोर दिया कि दोनों पक्षों को दीर्घकालिक समझौते, आपसी निवेश और संयुक्त उपक्रमों के ज़रिए संबंधों को और मजबूत करना चाहिए। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- एस जयशंकर बोले: ई-कॉमर्स, ब्लॉकचेन और डिजिटल भुगतान से बदल रहा व्यापार का तरीका, मध्य एशिया से बढ़ेगी नजदीकी
विज्ञापन
विज्ञापन


मध्य एशिया के साथ साझेदारी का जिक्र

भारत-मध्य एशिया बिजनेस सम्मेलन में बोलते हुए जयशंकर ने कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मौजूदगी में कहा कि भारत डिजिटल भुगतान और सेवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने में मध्य एशिया के साथ साझेदारी करना चाहता है।


आईएनएसटीसी को और संसाधन दिए जाने पर जोर
विदेश मंत्री ने भारत और मध्य एशिया के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया। जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन रास्ते (आईएनएसटीसी) का जिक्र करते हुए कहा कि आईएनएसटीसी के लिए ज्यादा संसाधन दिए जाने की जरूरत है। आईएनएसटीसी 7,200 किमी लंबा परिवहन प्रोजेक्ट भारत, ईरान, अफगानिस्तान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप को जोड़ता है।

ये भी पढ़ें:- Piyush Goyal: 'खनिज के लिए चंद देशों पर निर्भरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा', इटली में बोले पीयूष गोयल

व्यापार को विविध बनाना जरूरी- जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि व्यापार को विविध बनाना जरूरी है, जिससे सभी को नए विकल्प और प्रतिस्पर्धा मिल सके। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की बताते हुए कहा कि यह हर साल 6–8% की दर से बढ़ रही है, जिससे नई मांगें और मौके पैदा हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने ऊर्जा, खनन और उर्वरकों को ऐसे प्रमुख क्षेत्र बताए जिनमें भारत और मध्य एशिया के बीच सहयोग बढ़ाया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed