फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   india central asia business council meeting s Jaishankar trade e commerce cross border digital payments

एस जयशंकर बोले: ई-कॉमर्स, ब्लॉकचेन और डिजिटल भुगतान से बदल रहा व्यापार का तरीका, मध्य एशिया से बढ़ेगी नजदीकी

Thu, 05 Jun 2025 06:55 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 05 Jun 2025 06:55 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ई-कॉमर्स, ब्लॉकचेन और डिजिटल भुगतान जैसी तकनीकें वैश्विक व्यापार को बदल रही हैं और भारत को यूपीआई, आधार जैसे प्लेटफॉर्म पर मध्य एशिया से साझेदारी कर खुशी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था नई मांगें पैदा कर रही है, जिसे पूरा करने के लिए व्यापार, तकनीक और संपर्क के नए रास्ते तलाशने होंगे।

विज्ञापन
india central asia business council meeting s Jaishankar trade e commerce cross border digital payments
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : वीडियो ग्रैब/एक्स/डॉ.एस जयशंकर

विस्तार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को भारत- मध्य एशिया व्यापार परिषद की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'हमारी बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ब्लॉकचेन और सीमा पार डिजिटल भुगतान जैसी तकनीकें दुनिया के व्यापार और संपर्क के तरीके को बदल रही हैं।' 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भारत को यूपीआई, आधार और डिजिलॉकर जैसे प्लेटफॉर्म पर मध्य एशियाई देशों के साथ साझेदारी करके खुशी होगी। जयशंकर ने कहा, डिजिटल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग से हमारे व्यापारिक और आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता को हासिल किया जा सकता है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'तकनीक को न्याय प्रणाली का चालक बनाया, तो डगमगाने लगेगा जनता का अदालतों पर भरोसा', सीजेआई गवई की चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन


जयशंकर ने यह भी कहा, 'हमें अपने व्यापार के विकल्पों को विविधतापूर्ण बनाना होगा, ताकि हम सभी के पास ज्यादा विकल्प हों, प्रतिस्पर्धा बढ़े और हम नए अवसरों की तलाश कर सकें।' उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि हमारे मध्य एशियाई दोस्त यह समझें कि आज भारत चार ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह हर साल 6 से 8 फीसदी की दर से आगे बढ़ रही है। उत्पादों, सेवाओं और समृद्ध जीवनशैली के कारण नई मांगें पैदा होंगी। इसलिए बहुत सारी चीजें हैं, जो हम कर सकते हैं और करनी भी चाहिए।'

उन्होंने कहा, 'हमारे बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में करीबी सहयोग से निश्चित रूप से आर्थिक संपर्क मजबूत होंगे।' उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकों में मध्य एशियाई बैंकों द्वारा विशेष रुपया वॉस्ट्रो खाते (एसआरवीए) खोलने जैसी कुछ पहल की गई है। साथ ही यूपीआई के उपयोग पर भी बातचीत हुई है, जिसका मैं पूरा समर्थन करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे व्यापार को स्थानीय मुद्राओं में निपटाने के लिए जो कदम उठाए जा सकते हैं, उन पर भी विचार किया जाना चाहिए।


ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र: 'प्रतिनिधिमंडलों की देश वापसी के बाद ही संसद सत्र की मांग करें', सुप्रिया सुले की कांग्रेस से अपील

विदेश मंत्री ने यह भी कहा, यह एक बड़ी बाधा रही है कि हम अपने संपर्क को कैसे बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें भूमि और हवाई दोनों मार्गों की संपर्क शामिल है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (आईएनएसटीसी) में ज्यादा संसाधन और प्रयास की जरूरत है और चाबहार बंदरगाह का अधिक उपयोग निश्चित रूप से यात्रा की दूरी और लागत दोनों को कम करेगा।

इसी बैठक में कजाखस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मुरात नुर्तलेउ ने कहा, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और कुछ विशेषज्ञों के अनुसार भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि कजाखस्तान ‘विकसित भारत’ कार्यक्रम के तहत भारत के लक्ष्य को हासिल करने में एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार बनने के लिए तैयार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed