Piyush Goyal: 'खनिज के लिए चंद देशों पर निर्भरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा', इटली में बोले पीयूष गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इटली में कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति कुछ देशों तक सीमित होना वैश्विक आर्थिक विकास के लिए खतरा है। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने पर जोर दिया। साथ ही चीन की खनिज के क्षेत्र में बढ़ती पकड़ को लेकर चिंता जताई।
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वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को महत्वपूर्ण खनिज की आपूर्ति के लिए कुछ गिने-चुने देशों पर ज्यादा निर्भरता को वैश्विक आर्थिक विकास के लिए बड़ा खतरा बताया है। साथ ही उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की जरूरत पर जोर दिया। अपने इटली दौरे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान गोयल ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया को यह समझना चाहिए कि खनिजों का खनन और उनका प्रसंस्करण कुछ ही क्षेत्रों में सीमित होना कितना खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब ये खनिज स्वच्छ ऊर्जा के लिए जरूरी हो गए हैं।
वैश्विक आर्थिक विकास के नुकसान पर दिया जोर
गोयल ने कहा कि यह जरूरी है कि दुनिया यह समझे कि अगर महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और उनका प्रसंस्करण कुछ ही देशों तक सीमित रहेगा, तो यह कभी भी वैश्विक आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचा सकता है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री गोयल अपने बयान में जिन खनिजों का जिक्र कर रहें हैं, उनमें कोबाल्ट, तांबा, लिथियम, निकल और दुर्लभ पृथ्वी तत्व शामिल हैं, जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों से लेकर पवन टरबाइन तक में इस्तेमाल होते हैं। देखा जाए तो विशेष रूप से चीन की इस क्षेत्र में बढ़ती पकड़ को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ी है। चीन ने दुनिया भर में इन खनिजों का भारी मात्रा में अधिग्रहण किया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर उसका नियंत्रण बढ़ गया है।
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खनिज क्षेत्र में भारत की निर्भरता का किया जिक्र
अपने बयान में गोयल ने आगे इन महत्वपूर्ण खनिज के क्षेत्र में एकतरफा निर्भरता को खत्म करने को लेकर भारत के प्रयास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत इस एकतरफा निर्भरता को खत्म करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। सरकार स्टार्टअप्स को शोध और नवाचार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि खनिजों के नए विकल्प खोजे जा सकें और मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके। उन्होंने कहा कि इससे हमारी कुछ महत्वपूर्ण खनिजों पर अत्यधिक निर्भरता कम होगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह पहल अभी शुरुआती चरण में है।
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इन क्षेत्रों में इटली के सहयोग के मिले संकेत
गोयल ने कहा कि हम अभी तय कर रहे हैं कि आगे का रास्ता क्या होगा, किन देशों से सहयोग मिलेगा और किस तरह की वित्तीय और भौगोलिक सहायता मिल सकती है। गौरतलब है कि इटली में हुई बातचीत से संकेत मिलते हैं कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग की नई राहें खुल सकती हैं। इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने भी इस दिशा में रुचि दिखाई है। साथ ही निजी क्षेत्र की कंपनियों के बीच साझेदारी का सुझाव दिया है।