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Lok Sabha: 'भारत-बांग्लादेश सीमा पर करीब 864 किमी तक बाड़ लगाना बाकी', लोकसभा में नित्यानंद राय ने दी जानकारी
Tue, 04 Feb 2025 10:17 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली / कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली / कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 04 Feb 2025 10:17 PM IST
सार
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब के बारे में लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सीमा के लगभग 864.482 किमी हिस्से पर अभी भी बाड़ लगाई जानी है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के दो और जिलों में सीमा सुरक्षा बल को बाड़ लगाने और सीमा पर चौकियां बनाने के लिए जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
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नित्यानंद राय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के बारे में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद साजदा अहमद की तरफ से उठाए गए सवालों के जवाब में, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सीमा के लगभग 864.482 किमी हिस्से पर अभी भी बाड़ लगाई जानी है और इसमें 174.514 किमी की गैर-व्यवहार्य दूरी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा के 4,096.7 किलोमीटर में से 3,232.218 किलोमीटर हिस्से पर बाड़ लगाई जा चुकी है।
'सीमा की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाना महत्वपूर्ण'
मंत्री के जवाब में कहा गया, 'बाड़ लगाने की परियोजनाओं के व्यवहार्य हिस्सों को पूरा करने में आने वाली चुनौतियों में भूमि अधिग्रहण, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) की सीमित कार्य अवधि और भूस्खलन और दलदली भूमि पर आपत्तियां शामिल हैं।' सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए, राज्य मंत्री ने कहा कि सीमा की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तस्करी, अपराधियों की आवाजाही और तस्करी समेत सीमा पार आपराधिक गतिविधियों की चुनौतियों का समाधान करके अपराध मुक्त सीमा सुनिश्चित करने में मदद करता है।
दो और जिलों में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देगी सरकार
पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राज्य के दो और जिलों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़ लगाने और सीमा पर चौकियां बनाने के लिए जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जलपाईगुड़ी जिले के बिन्नागुड़ी में 0.05 एकड़ और मालदा जिले के नारायणपुर में 19.73 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपी जाएगी।
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हाल ही में सीएम ममता बनर्जी ने BSF पर लगाया था आरोप
27 जनवरी को हुई पिछली बैठक में मंत्रिमंडल ने नादिया जिले के करीमपुर में बीएसएफ को चौकियां बनाने या तार वाली बाड़ लगाने के लिए 0.9 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि बीएसएफ बांग्लादेश से घुसपैठ की अनुमति दे रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने टीएमसी सरकार पर बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने में अधिकारियों की मदद नहीं करने का आरोप लगाया।
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'सीमा की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाना महत्वपूर्ण'
मंत्री के जवाब में कहा गया, 'बाड़ लगाने की परियोजनाओं के व्यवहार्य हिस्सों को पूरा करने में आने वाली चुनौतियों में भूमि अधिग्रहण, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) की सीमित कार्य अवधि और भूस्खलन और दलदली भूमि पर आपत्तियां शामिल हैं।' सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए, राज्य मंत्री ने कहा कि सीमा की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तस्करी, अपराधियों की आवाजाही और तस्करी समेत सीमा पार आपराधिक गतिविधियों की चुनौतियों का समाधान करके अपराध मुक्त सीमा सुनिश्चित करने में मदद करता है।
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दो और जिलों में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देगी सरकार
पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राज्य के दो और जिलों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़ लगाने और सीमा पर चौकियां बनाने के लिए जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जलपाईगुड़ी जिले के बिन्नागुड़ी में 0.05 एकड़ और मालदा जिले के नारायणपुर में 19.73 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपी जाएगी।
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हाल ही में सीएम ममता बनर्जी ने BSF पर लगाया था आरोप
27 जनवरी को हुई पिछली बैठक में मंत्रिमंडल ने नादिया जिले के करीमपुर में बीएसएफ को चौकियां बनाने या तार वाली बाड़ लगाने के लिए 0.9 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि बीएसएफ बांग्लादेश से घुसपैठ की अनुमति दे रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने टीएमसी सरकार पर बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने में अधिकारियों की मदद नहीं करने का आरोप लगाया।