फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India ready to land on the moon late tonight 70 children will watch live with PM Modi

आज आधी रात बाद चांद पर कदम रखेगा भारत, 70 बच्चों संग लाइव देखेंगे पीएम मोदी, ऐसे होगी लैंडिंग

Fri, 06 Sep 2019 04:33 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू Published by: Nilesh Kumar Updated Fri, 06 Sep 2019 04:33 AM IST
सार

  • छह-सात सितंबर की रात 1:30 से 2:30 के बीच होगी लैंडिंग
  • मिशन का सबसे कठिन दौर 1471 किलो के ‘विक्रम’ की लैंडिंग
  • अब तक अमेरिका, रूस और चीन ही अपने यान उतार सके हैं

विज्ञापन
India ready to land on the moon late tonight 70 children will watch live with PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसरो पहुंचकर 70 स्कूली बच्चों के साथ लैंडिंग का सीधा प्रसारण देखेंगे - फोटो : Twitter

विस्तार

दो दिन से चंद्रमा के चारों ओर 35 किमी की ऊंचाई पर मंडरा रहा भारत का चंद्रयान-2 छह और सात सितंबर की दरमियानी रात चंद्रमा की सतह पर कदम रखेगा। लैंडिंग का समय करीब आते ही इसरो के वैज्ञानिकों सहित सभी की धड़कनें तेज होने लगी हैं। 978 करोड़ लागत वाले इस मिशन पर भारत सहित पूरी दुनिया की निगाह है। 1471 किलो के लैंडर ‘विक्रम’ की सॉफ्ट लैंडिंग सफल रही तो भारत ऐसा करने वाले दुनिया के चार देशों में शामिल हो जाएगा। चंद्रमा पर अब तक अमेरिका, रूस और चीन ही अपने यान उतार सके हैं।

विज्ञापन

 

विज्ञापन


बंगलूरू स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) के वैज्ञानिक लैंडिंग की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सभी का ध्यान विक्रम की गतिविधि पर टिका है। इसरो अध्यक्ष के. सिवन भी लैंडिंग को बेहद चुनौतीपूर्ण बता चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसरो पहुंचकर 70 स्कूली बच्चों के साथ सॉफ्ट लैंडिंग का सीधा प्रसारण देखेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे होगी लैंडिंग

  •  रात 1 से 2 बजे के बीच विक्रम और इसमें रखे रोवर ‘प्रज्ञान’ को बूस्टर प्रोपल्शन सिस्टम की मदद से लैंडिंग के लिए तैयार किया जाएगा
  • 1:30 से 2:30 के बीच विक्रम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारा जाएगा। ध्रुव के इस हिस्से में आज तक कोई देश लैंडिंग नहीं कर सका है।
  • 5:30 से 6:30 के बीच छह पहिये वाला 27 किलो का प्रज्ञान लैंडर से निकलेगा। यह चांद की सतह पर 500 मीटर चलेगा।
  • इसके पहियों पर उकेरा गया राष्ट्रचिह्न चांद की सतह पर अंकित हो जाएगा।

अब तक सब ठीक, आगे भी वैसा ही रहेगा

इसरो के पूर्व अध्यक्ष एएस किरण कुमार के अनुसार सॉफ्ट लैंडिंग मिशन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब तब सब योजना के अनुसार हुआ है, आगे भी ऐसा ही होगा। चंद्रयान-1 मिशन के निदेशक रहे ए अन्नादुरई ने कहा, इसरो के पास 40 से अधिक जियोसिंक्रोनस इक्वेटेरियल ऑर्बिट (जीओ) मिशन संभालने का अनुभव है। ऐसे में सॉफ्ट लैंडिंग सफल होने की पूरी उम्मीद है। करीब 35 किमी ऊंचाई से विक्रम 15 मिनट में उतरेगा।

चांद धरती के राज खंगालेंगे विक्रम और प्रज्ञान

विक्रम और प्रज्ञान एक चंद्र दिवस (पृथ्वी के 14 दिन) तक काम करेंगे। चांद की परिक्रमा करते हुए ऑर्बिटर एक वर्ष शोध व अध्ययन करता रहेगा। मिशन का उद्देश्य चांद पर मौजूद खनिजों-धातुओं और तत्वों की खोज और अध्ययन, चंद्रमा की मैपिंग और पानी की खोज करना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed