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NCW: महिलाओं के खिलाफ अपराध में UP सबसे आगे, एक साल में 16 हजार से अधिक मामले; जानिए अन्य राज्यों का हाल

Mon, 01 Jan 2024 05:09 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 01 Jan 2024 05:09 PM IST
सार

महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है। राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते एक साल में यूपी में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 16 हजार से अधिक मामले सामने आए।

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NCW Data Crime Against Women UP on top know about other states
महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

साल 2023 बीत चुका है। बीते एक साल में कई उपलब्धियां मिलीं तो अपराध के मामले में चिंताजनक तस्वीर भी सामने आई। राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे साल में महिलाओं के खिलाफ अपराध की 28,811 शिकायतें मिलीं। इनमें 50 प्रतिशत से अधिक मामले यूपी से रिपोर्ट किए गए। सबसे ज्यादा शिकायतें 'गरिमा के अधिकार' (right to dignity) श्रेणी में मिलीं। महिला आयोग ने बताया कि घरेलू हिंसा के अलावा अन्य श्रेणियों के तहत भी उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई गईं।
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आधी आबादी के खिलाफ किन पांच राज्यों में सबसे अधिक अपराध
राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ दहेज उत्पीड़न आज भी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के प्रति पुलिस की उदासीनता, दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न का प्रयास भी चिंताजनक तस्वीर पेश करता है। इन श्रेणियों में भी बीते 12 महीने के दौरान सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं। महिला आयोग ने बताया कि सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश है। दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है। महाराष्ट्र, बिहार और मध्य प्रदेश क्रमश: तीसरे और चौथे और पांचवें नंबर पर हैं।
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राज्यों के नाम शिकायतों की संख्या 
उत्तर प्रदेश 16,109 
दिल्ली 2,411
महाराष्ट्र  1,343 
बिहार  1,312 
मध्य प्रदेश 1,165
हरियाणा  1,115
राजस्थान  1,011
तमिलनाडु  608
पश्चिम बंगाल 569 
कर्नाटक  501 

घरेलू हिंसा के अलावा उत्पीड़न के दूसरे भी कई प्रकार 
आयोग के मुताबिक 'गरिमा के अधिकार' श्रेणी में घरेलू हिंसा को छोड़कर दूसरे प्रकार के उत्पीड़न के मामलों को दर्ज किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार यौन उत्पीड़न की 805, साइबर अपराध की 605, पीछा करने की 472 और सम्मान से जुड़े अपराध (honour crimes) की 409 शिकायतें दर्ज कराई गईं।
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महिलाओं के खिलाफ अपराध की श्रेणी 2023 में दर्ज कुल शिकायतों की संख्या
गरिमा के अधिकार 8,540 
घरेलू हिंसा 6,274 
दहेज उत्पीड़न 4,797
छेड़छाड़  2,349
दुष्कर्म और बलात्कार के प्रयास 1,537 
महिलाओं के प्रति पुलिस की उदासीनता (police apathy) 1,618 

पिछले साल की तुलना में कम हुए अपराध; 2022 में 30 हजार से अधिक मामले
आयोग का कहना है कि 2022 के बाद से शिकायतों की संख्या में गिरावट देखी गई। 2022 में एक साल की अवधि में महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़ी कुल 30,864 शिकायतें मिली थीं। यह आंकड़ा आठ साल में (2014 के बाद) सबसे अधिक था।
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