NCPCR: गाजियाबाद में नाबालिग के धर्म परिवर्तन मामले का बाल आयोग ने लिया संज्ञान; MeitY से मांगी रिपोर्ट
बाल आयोग ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी फोर्टनाइट और डिस्कॉर्ड नाम के चैटिंग एप के खिलाफ आईटी नियमों के तहत जांच करने के लिए कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि इस कार्रवाई की रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर आयोग के सामने पेश की जाए।
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दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग के झांसे में फंसाकर जैन धर्म के लड़के के दूसरे धर्म में परिवर्तन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसका संज्ञान लिया है। एनसीपीसीआर के प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अलकेश कुमार शर्मा को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आरोपी ऑनलाइन गेमिंग कंपनी फोर्टनाइट और डिस्कॉर्ड नाम के चैटिंग एप के खिलाफ आईटी नियमों के तहत जांच करने के लिए कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि इस कार्रवाई की रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर आयोग के सामने पेश की जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं साफ तौर पर दिखाती हैं कि धार्मिक एजेंडे और व्यक्तिगत उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए नाबालिग लड़के के दिमाग पर मनोवैज्ञानिक रूप से पर गलत असर डाल सकती है। इसके अलावा, यह घटना सूचना और प्रौद्योगिकी से संबंधित दिशा-निर्देशों के अपेक्षित नियमों और शर्तों के अनुपालन पर सवाल खड़ा करती है।
पुलिस ने की है गिरफ्तारी
गौरतलब है कि गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने जैन धर्म के लड़के के दूसरे धर्म में परिवर्तन के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कवि नगर पुलिस स्टेशन में एक धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में दो लोगों की पहचान हुई है। एक का नाम शाहनवाज खान उर्फ बद्दो है, जो महाराष्ट्र के ठाणे का रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी संजय नगर में एक मस्जिद का मौलवी नान्नी उर्फ अब्दुल रहमान है। रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के दौरान पता चला है कि जैन लड़के के धर्मांतरण के पीछे रहमान की भूमिका है। दो हिंदू लड़के भी मिले हैं साथ ही कुछ डिजिटल सबूत भी मिले हैं।
आयत पढ़ जीत का देते थे लालच
आयत पढ़ोगे तो ऑनलाइन गेम में लगातार जीत मिलेगी, यह बात बद्दो और उसके गिरोह के साथी एप पर गेम खेलने के दौरान हारने वाले किशोरों को बोलते हैं। उनकी बातों में आकर जो किशोर ऐसा करने के लिए राजी हो जाता है तो गिरोह के सदस्य उन्हें आयत पढ़ने के तरीके बताते। बाद में उनका विश्वास जीतकर डिस्कॉर्ड नाम के चैटिंग एप में जोड़कर उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करना शुरू कर देते हैं। आशंका जताई जा रही है कि ऐसा करके बद्दो कई किशोरों को अपने जाल में फंसा चुका है।
पुलिस ने रिपोर्ट में किया खुलासा
डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शातिरों के झांसे में चार किशोरों के फंसने की बात सामने आई है। फोर्ट नाइट अमेरिकी गेमिंग एप है जिस पर गिरोह किशोरों को जाल में फंसाते हैं। गिरोह के सदस्यों ने गेमिंग व चैटिंग एप पर हिंदुओं के नाम से आईडी बना रखी हैं। जिससे किशोर उन पर शक न करें और आसानी से बातचीत कर ले। गिरोह के तार विदेश से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है। पुलिस इसकी भी जांच में जुटी है।
इन तीन स्टेप्स से फंसाते हैं युवकों को
- पहले चरण में फोर्ट नाइट एप पर गेम जीतने के लिए कुरान की आयत पढ़ने के लिए उकसाते हैं, जो किशोर आयत पढ़ने के बाद गेम में जीत जाता है, उसे इस्लाम के प्रति विश्वास करने के लिए प्रेरित करते हैं।
- दूसरे चरण में डिस्कॉर्ड नामक चैटिंग एप पर किशोरों को ग्रुप में जोड़कर उन्हें इस्लाम के रीति-रिवाजों के बारे में जानकारी देते हैं।
- तीसरे चरण में गिरोह के लोग किशोरों को इस्लामिक प्रवक्ता जाकिर नाइक की वीडियो भेजकर इस्लाम अपनाने के प्रति उनका ब्रेनवॉश करते हैं।