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Nanded: ‘24 लोगों की मौत ने राज्य सरकार की विफलताओं का पर्दाफाश किया’, शरद पवार ने एकनाथ शिंदे पर किया हमला

Tue, 03 Oct 2023 04:04 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 03 Oct 2023 04:04 AM IST
सार

शरद पवार ने सोमवार को ट्वीट किया। ट्वीट कर उन्होंने कहा कि नांदेड़ के एक सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में 24 लोगों की मौत हो गई। घटना में 12 नवजात शिशुओं की भी जान चली गई। यह चौंकाने वाली घटना है

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Nanded Hospital: Sharad Pawar Blasts Eknath Shinde Govt Over 24 Death In A Day At Maharastra Nanaded Hospital
राकांपा प्रमुख शरद पवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल में 24 लोगों की मौत पर बवाल मचा हुआ है। विपक्ष भाजपा सरकार पर हमलावर है। इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एकनाथ शिंदे सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि घटना सरकार की विफलताओं का पर्दाफाश करती है। पवार ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें। 

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शरद पवार ने सोमवार को ट्वीट किया। ट्वीट कर उन्होंने कहा कि नांदेड़ के एक सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में 24 लोगों की मौत हो गई। घटना में 12 नवजात शिशुओं की भी जान चली गई। यह चौंकाने वाली घटना है। पवार ने ठाणे के कलवा अस्पताल में हुई 18 लोगों की मौत को याद करते हुए कहा कि दो माह पहले ही ऐसी ही एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी। ठाणे की घटना को गंभीरता से न लेने के कारण ही नांदेड़ के सरकारी अस्पताल में 24 लोगों की मौत हो गई। यह सरकार की विफलता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वे मरीजों की जान की फिक्र करें और तत्काल कोई ठोस कदम उठाएं।

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यह है नांदेड़ के अस्पताल में मौत का पूरा मामला
शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डीन ने बताया कि पिछले 24 घंटों में हुई 24 मौतों में से 12 वयस्कों की मौत कई बीमारियों (ज्यादातर सांप के काटने) के कारण हुई। पिछले 24 घंटों में हुई मौतों में 12 मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें छह लड़के और छह लड़कियां शामिल हैं। कर्मचारियों के स्थानांतरण के कारण हमें कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि हम तृतीयक स्तर के देखभाल केंद्र हैं। 70 से 80 किलोमीटर के दायरे में यह इकलौता ऐसा केंद्र है। इसलिए मरीज दूर-दूर से भी हमारे पास आते हैं। कुछ दिनों में रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इससे बजट समेत कई समस्याएं पैदा होती हैं। डीन ने कहा कि एक हाफकिन इंस्टीट्यूट है। हमें उनसे दवाएं खरीदनी थीं, लेकिन वह भी नहीं हुआ। हमने स्थानीय स्तर पर दवाएं खरीदीं और मरीजों को मुहैया कराईं। 

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