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Politics: 'मैंने भाजपा के किसी नेता से संपर्क नहीं किया'; जयंत पाटिल ने पाला बदलने की खबरों को किया खारिज

Tue, 15 Jul 2025 02:11 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 15 Jul 2025 02:11 AM IST
सार

10 जून को राकांपा के 26वें स्थापना दिवस पर पाटिल ने पार्टी प्रमुख शरद पवार की उपस्थिति में पद छोड़ने के संकेत दिए थे। पाटिल ने कहा था कि पार्टी के लिए नए चेहरों को मौका देना जरूरी है।
 

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NCP (SP) leader Jayant Patil denies meeting BJP leaders, calls reports of switching sides baseless
जयंत पाटिल - फोटो : PTI

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सपा) के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया है। जयंत पाटिल ने कहा कि उन्होंने न तो भगवा दल के किसी नेता से मुलाकात की है और न ही सत्तारूढ़ गठबंधन दल के किसी नेता ने उनसे संपर्क किया है। इस दौरान उन्होंने उनके दल बदलने को लेकर मीडिया में चल रही खबरों को निराधार बताया। गौरतलब है कि जयंत पाटिल सांगली जिले के इस्लामपुर से आठ बार विधायक रहे हैं।  पाटिल 2018 से अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रदेश अध्यक्ष हैं। जुलाई 2023 में अजित पवार और अन्य विधायकों के बाहर जाने की वजह से पार्टी के विभाजन के बाद पाटिल पार्टी के शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट एनसीपी (सपा) में उसी पद पर बने रहे।
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उन्होंने कहा कि मैंने भाजपा के किसी नेता से संपर्क नहीं किया है और न ही किसी ने मुझे भाजपा में शामिल होने के लिए कहा है। मैं एक पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष हूं और ऐसी खबरों से हैरान हूं। पाटिल ने आगे कहा कि अगर कोई किसी दूसरी पार्टी के नेता से मिलता भी है, तो इससे तमाम तरह की अटकलें लगने लगती हैं। मैंने कई बार ऐसी खबरों का खंडन किया है, लेकिन वे बार-बार सामने आती रहती हैं। मुझे कितनी बार इनका खंडन करना पड़ेगा?  
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इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि उनके द्वारा मोदी सरकार की प्रमुख पहल डीबीटी योजना की प्रशंसा की गई? इस पर जयंत पाटिल ने कहा कि किसी सरकार की कुछ योजनाओं को पसंद या नापसंद करने का मतलब यह नहीं है कि कोई पक्ष बदल रहा है। यह अलग बात है कि मुझे उनकी कुछ योजनाएं पसंद हैं और कुछ नापसंद। लेकिन भाजपा ने मुझसे कभी भी ऐसी किसी पेशकश के बारे में बात नहीं की। अगर मैं आधिकारिक काम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (भाजपा नेता) से मिलता हूं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि मैं पार्टी में शामिल हो रहा हूं।
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विधानसभा में की मोदी सरकार की योजना की प्रशंसा
बता दें कि जयंत पाटिल ने विधानसभा में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना की प्रशंसा की थी। उन्होंने इस योजना के व्यापक क्रियान्वयन पर जोर दिया था। सदन में बोलते हुए विपक्षी विधायक ने कहा था कि डीबीटी राज्य सरकार की कुछ योजनाओं से बेहतर है, जिनमें जरूरतमंद परिवारों को बर्तन दिए जाते हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया था ये दावा
 बता दें कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में जयंत पाटिल को लेकर निराधार दावा किया गया था। इनमें कहा गया था कि जयंत  पाटिल ने राज्य राकांपा (सपा) अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और उनके पार्टी सहयोगी एवं एमएलसी शशिकांत शिंदे उनकी जगह लेंगे। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल के पद से इस्तीफा देने की खबरों के बीच पार्टी ने शनिवार को इसका खंडन कर दिया। पार्टी ने कहा कि यह शरारत के अलावा कुछ नहीं है। 


10 जून को दिया था पद छोड़ने का संकेत
वहीं, 10 जून को पुणे में एनसीपी के 26वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए पाटिल ने पार्टी प्रमुख शरद पवार की मौजूदगी में युवा चेहरे के लिए पद छोड़ने का संकेत दिया था। पाटिल ने कहा था कि पार्टी के लिए नए चेहरों को मौका देना जरूरी है। इस पर कार्यकर्ताओं में भावुक प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने उनसे पद पर बने रहने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि पवार साहब ने मुझे बहुत मौके दिए। मुझे सात साल के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, अब पार्टी के लिए नए चेहरों को मौका देना जरूरी है। शरद पवार के वफादार पाटिल राकांपा के गठन के बाद से ही उनके प्रति वफादार रहे। 2023 में पार्टी में फूट के बाद भी उन्होंने पवार का साथ दिया। पाटिल तीन दशकों से ज्यादा समय से महाराष्ट्र विधानसभा में इस्लामपुर निर्वाचन क्षेत्र (सांगली जिला) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल में जल संसाधन विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया था। इससे पहले उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री (2009-2014), वित्त मंत्री (1999-2008) और गृह मंत्री (2008-2009) के रूप में कार्य किया था। 2018 में उन्हें सर्वसम्मति से सुनील तटकरे की जगह अविभाजित राकांपा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया था।
 
 
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