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धन शोधन: 19 जुलाई तक ईडी की हिरासत में रहेंगे एनसीपी नेता एकनाथ खडसे के दामाद
Thu, 15 Jul 2021 04:52 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 15 Jul 2021 04:52 PM IST
सार
पुणे में एक भूखंड की खरीद में कथित अनियमितता से जुड़े धन शोधन के मामले में यहां की विशेष अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता एकनाथ खडसे के दामाद गिरीश चौधरी की हिरासत की अवधि बृहस्पतिवार को 19 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी। चौधरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं।
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एकनाथ खडसे
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
ईडी ने चौधरी को इस मामले में लंबी पूछताछ के बाद छह जुलाई को गिरफ्तार किया था। चौधरी की रिमांड अवधि बृहस्पतिवार तक थी इसलिए उन्हें धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के मामलों पर सुनवाई करने वाली विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। ईडी ने मामले में आगे की जांच के लिए हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की थी जिसे अदालत ने स्वीकार कर ली।
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यह मामला 2016 में पुणे में एक कथित सरकारी जमीन सौदे से जुड़ा है। एजेंसी ने दावा किया कि चौधरी और खडसे ने पुणे के निकट एक सरकारी भूमि 3.75 करोड़ रुपये में खरीदी जबकि आधिकारिक मूल्यांकन के मुताबिक जमीन की वास्तविक कीमत 31.01 करोड़ रुपये थी।
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NCP leader Eknath Khadse's son-in-law Girish Choudhary has been remanded to Enforcement Directorate custody till July 19 in a money laundering case.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 15, 2021
ईडी ने कहा कि ऐसा लगता है कि खडसे ने, जो उस वक्त राज्य के राजस्व मंत्री थे, अपने पद का दुरुपयोग किया और अधिकारियों पर दबाव बनाया। यह जमीन महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) की थी।
खडसे ने इसी भूमि सौदे के संबंध में आरोपों का सामना करने के बाद 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाले महाराष्ट्र मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के साथ ही आयकर विभाग ने भी उन्हें मामले में क्लीन चिट दे दी थी।