मुंबई से दिल्ली तक हलचल: महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल जारी, शरद पवार से मिले अनिल देशमुख
मुकेश अंबानी के घर के पास मुंबई के व्यापारी मनसुख हिरेन की स्कॉर्पियों में विस्फोटक मिलने और उनकी मौत के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज गई है। महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल तब और बढ़ गई जब मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे की संलिप्तता सामने आई।
इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के बीच बैठक हुई। महाराष्ट्र के मंत्री अनिल देशमुख दिल्ली में शरद पवार के आवास पर सुबह करीब 10 बजे पहुंचे और लगभग दो घंटे बाद वहां से निकले।
वहीं मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर कार्रवाई के बाद अब गृह मंत्री अनिल देशमुख को हटाने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, शरद पवार से मुलाकात के बाद अनिल देशमुख ने कहा कि कुछ गलतियां जरूर मिली है, जो माफ करने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर का तबादला कर दिया गया है। अब मुंबई एटीएस और एएनआईए की जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
इस पर भाजपा सांसद नारायण राणे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है। अधिकारियों की इच्छा पर सब काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में मुकेश अंबानी तक सुरक्षित नहीं है, उन्होंने आगे कहा कि कमजोर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के चलते मैंने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस्तीफे और राज्य में राष्ट्रपति शासम लगाने की मांग की है।
Maharashtra govt is not working properly, everything is done at the will of officers, person like Mukesh Ambani is unsafe in Mumbai. Due to poor law&order situation & corruption, I've written to HM Amit Shah for CM's resignation & President's Rule in state: BJP MP Narayan Rane pic.twitter.com/TMkDaPyjhW
— ANI (@ANI) March 19, 2021
‘दिल्ली का गुट' मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख से नाराज था: शिवसेना
वहीं मुंबई पुलिस आयुक्त पद से परम बीरसिंह को हटाए जाने के दो दिन बाद शिवसेना ने शुक्रवार को उनका बचाव करते हुए कहा कि उनका तबादला उन्हें अपराधी नहीं बना देता है। सत्तारूढ़ पार्टी ने आरोप लगाया कि ‘दिल्ली का एक खास गुट’ उनके कार्यकाल के दौरान टीआरपी घोटाला सामने आने की वजह से उनसे नाराज चल रहा था।
‘सामना’ ने अपने मुखपत्र में कहा, ‘ मुंबई के कार्माइकेल रोड पर एक वाहन में 20 जिलेटिन छड़ें रखी थी, जिसकी वजह से पिछले कुछ दिनों में राज्य की राजनीति और प्रशासन में भूचाल आ गया। परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया और वरिष्ठ अधिकारी हेमंत नागराले को उनकी जगह तैनात किया गया। ये सभी नियमित तबादले नहीं थे।’
सामना में कहा गया कि उम्मीद है कि यह कदम राज्य सरकार की छवि खराब करने की नहीं है। एनआईए सामान्य तौर पर आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित मामले की जांच करती है। इस मामले में आतंक का कोई पहलू नहीं है। फिर भी जांच एजंसी इसकी जांच के लिए आई है।? उरी, पठानकोट, पुलवामा की एजेंसी की जांच अब भी रहस्यमय बनी हुई है। मुंबई में 20 जिलेटिन छड़ों का मिलना एनआईए के लिए बड़ी चुनौती प्रतीत हो रहा है।’
सामना में कहा गया कि परमबीर सिंह ने मुंबई पुलिस प्रमुख के तौर पर कोविड-19 महामारी जैसे मुश्किल वक्त में काम किया और पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया।
सामना में कहा गया, ‘उनके कार्यकाल के दौरान ही टेलिविजन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) घोटाला प्रकाश में आया। दिल्ली का एक खास गुट इसको लेकर उनसे नाराज चल रहा था। सिंह का तबादला जरूर हुआ है लेकिन इससे वह अपराधी नहीं बन जाते हैं।'