राज्यसभा उपचुनाव: NCP ने पूर्व एमएलसी राजेंद्र जैन पर लगाया दांव, छगन भुजबल को मिला झटका; 18 जून को होगा मतदान
एनसीपी ने महाराष्ट्र राज्यसभा उपचुनाव के लिए वरिष्ठ नेता और पूर्व MLC राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाया है। देवगिरी में हुई बैठक के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने राज्यसभा के आगामी उपचुनाव के लिए वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य राजेंद्र जैन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया है। यह चुनाव आगामी 18 जून को होना है। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने रविवार को इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी नेतृत्व के साथ व्यापक चर्चा के बाद राजेंद्र जैन के नाम पर मुहर लगाई गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राजेंद्र जैन सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। एनसीपी नेतृत्व को उम्मीद है कि वे इस उपचुनाव में मजबूत दावेदारी पेश करेंगे।
देवगिरी में हुई अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवार के चयन को लेकर बैठक मुंबई स्थित डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के आधिकारिक निवास ‘देवगिरी’ में हुई। इसी बैठक में एनसीपी की कोर कमेटी ने राजेंद्र जैन के नाम पर अंतिम सहमति दी। तटकरे ने कहा "पार्टी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि राजेंद्र जैन को राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया जाएगा।"
संगठन और विधायी अनुभव को देखते हुए चयन
सुनील तटकरे ने बताया कि राजेंद्र जैन का राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव काफी व्यापक रहा है। उन्होंने भंडारा-गोंदिया स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद में 12 वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा, जैन लंबे समय से विभिन्न सहकारी संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं, जिससे उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत अनुभव प्राप्त है।
इस पूरे मामले पर एनसीपी और सहयोगी दलों के नेताओं ने राज्य के मुख्यमंत्री से भी विचार-विमर्श किया था। सभी पक्षों के बीच तालमेल और सहमति बनाने के लिए राजनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत चलती रही।
भुजबल के नाम पर भी हुआ मंथन
राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल का नाम भी गंभीरता से चर्चा में रहा। माना जा रहा था कि वे इस सीट के प्रमुख दावेदारों में सबसे आगे हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने अंततः संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए राजेंद्र जैन के नाम पर सहमति जताई। एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि छगन भुजबल पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं और पार्टी उनके नेतृत्व तथा मार्गदर्शन में आगे भी कार्य करती रहेगी।
उपचुनाव क्यों हो रहा है?
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद यह राज्यसभा उपचुनाव जरूरी हो गया है। उन्होंने जनवरी में हुए प्लेन क्रैश में अपने पति और डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद राज्य सरकार में शामिल होने के लिए यह पद छोड़ा था। इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के चलते यह सीट खाली हो गई, जिससे उपचुनाव कराना पड़ रहा है।