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NIA: सीआरपीएफ कैंप पर हमला कर दर्जनभर जवानों को घायल करने वाले नक्सली नपेंगे, एनआईए ने दाखिल की चार्जशीट
Fri, 20 Mar 2026 09:10 PM IST
Rahul Kumar
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Fri, 20 Mar 2026 09:10 PM IST
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एनआईए।
- फोटो : ANI
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2024 में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) आतंकी संगठन के सदस्यों द्वारा छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ शिविर पर किए गए हमले के संबंध में तीन फरार नक्सलियों समेत छह और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ कैंप पर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) से किए गए हमले में दर्जनभर जवान घायल हो गए थे। तीनों शिविरों पर हमले करने का मकसद, सुरक्षा बलों के जवानों की हत्या कर उनके हथियार और अन्य सामग्री लूटना था।
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एनआईए के मुताबिक, तत्कालीन नवनिर्मित धर्मवरम शिविर के अलावा, माओवादियों ने 16 जनवरी 2024 को बीजापुर जिले के चिन्तावागु और पामेड स्थित दो अन्य सीआरपीएफ शिविरों पर भी एक साथ हमला किया था। एनआईए ने जिन तीन गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, उनमें अवलम भीमा, मदकम नंदा और मदकम देवा उर्फ रतन, शामिल हैं। जिन फरार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं, उनमें प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन का एक विशेष क्षेत्रीय समिति (एसजेडसी) सदस्य भी शामिल है। इन सभी छह आरोपियों पर यूए (पी) अधिनियम, आईपीसी, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
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छह आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के बाद, एनआईए द्वारा मामले आरसी-01/2024/एनआईए/आरपीआर में आरोपित आरोपियों की कुल संख्या 23 हो गई है। एजेंसी ने इससे पहले पिछले साल जून में 17 माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए थे। तीनों शिविरों पर हमले सुरक्षा बलों के जवानों की हत्या करने और शिविरों से सुरक्षा बलों के हथियार और अन्य सामान लूटने के उद्देश्य से किए गए थे। ये हमले भारत की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की माओवादी साजिश का हिस्सा थे। एनआईए की जांच में पता चला कि माओवादी कैडरों के पास प्रतिबंधित हथियार, गोला-बारूद और स्वदेशी रूप से निर्मित बीजीएल गोले थे जिनमें विस्फोटक सामग्री भी थी।
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एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि सीपीआई (माओवादी) आतंकी संगठन ने अपने सशस्त्र कैडरों के प्रशिक्षण और प्रेरणा के लिए लक्षित शिविरों की नकली प्रतिकृतियां बनाई थीं। इन लोगों को हमले करने से पहले लक्षित शिविरों की रेकी करने का भी निर्देश दिया गया था। एनआईए ने 9 फरवरी 2024 को इस मामले को अपने हाथ में लेते हुए 21 आरोपियों और सीपीआई (माओवादी) के 250-300 अज्ञात सशस्त्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ इसे फिर से दर्ज किया था। माओवादी तंत्र को नष्ट करने के अपने प्रयासों के तहत एनआईए अपनी जांच जारी रखे हुए है।