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MQ-9B Drone: दुर्घटनाग्रस्त एमक्यू-9बी की जगह नौसेना को मिला दूसरा ड्रोन, 35 घंटे से ज्यादा हवा में रहने में स
Sun, 02 Feb 2025 10:25 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 02 Feb 2025 10:25 PM IST
सार
MQ-9B Drone: नौसेना को सितंबर में दुर्घटनाग्रस्त हुए एमक्यू-9बी ड्रोन के बदले नया ड्रोन मिला है। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने अमेरिका से 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने का सौदा भी किया है, जिनकी आपूर्ति 2029 में शुरू होगी।
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एमक्यू-9बी ड्रोन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
नौसेना को पिछले साल सितंबर में बंगाल की खाड़ी में तकनीकी गड़बड़ी के चलते दुर्घटनाग्रस्त हुए एमक्यू-9बी सी गार्जियन के बदले में दूसरा ड्रोन मिला है। नौसेना ने एमक्यू-9बी सी गार्जियन ड्रोन को लीज पर अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स से लिया था। आधिकारिक सैन्य सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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नौसेना ने पट्टे पर लिए गए दो एमक्यू-9बी ड्रोनों में से एक को पिछले साल सितंबर के मध्य में तकनीकी खराबी के कारण बंगाल की खाड़ी में गिरा दिया था। सूत्रों ने बताया कि जनरल एटॉमिक्स ने समझौते के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुए ड्रोन के बदले में दूसरा ड्रोन भेजा है। एमक्यू-9बी ड्रोन 35 घंटे से अधिक समय तक हवा में रहने में सक्षम हैं और चार हेलफायर मिसाइलें और लगभग 450 किलोग्राम बम ले जा सकते हैं। 2020 में नौसेना ने दो एमक्यू-9बी ड्रोन एक साल की अवधि के लिए लीज पर लिए थे। हालांकि, बाद में लीज की अवधि बढ़ा दी गई थी।
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पिछले साल अक्तूबर में भारत ने लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए जनरल एटॉमिक्स से लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के लिए अमेरिका के साथ एक बड़ा सौदा किया था। सूत्रों ने बताया कि प्रीडेटर ड्रोन की आपूर्ति जनवरी 2029 में शुरू होगी। नौसेना को 15 समुद्री गार्जियन ड्रोन मिलेंगे, जबकि वायुसेना और सेना को आठ-आठ स्काई गार्जियन ड्रोन मिलेंगे।
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