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भारत की बेटी ने एशिया के बाहर सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
Sun, 09 Feb 2020 10:10 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 09 Feb 2020 10:10 PM IST
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काम्या कार्तिकेयन
- फोटो : PTI
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भारत की 12 साल की छात्रा काम्या कार्तिकेयन ने एशिया के बाहर सबसे ऊंची चोटी माउंट एकांकगुआ पर जीत हासिल कर ली है। काम्या ऐसा करने वाली सबसे युवा पर्वतारोही बन गई है। बता दें माउंट एकांकागुआ दक्षिण अमेरिकी के अर्जेंटीना में स्थित एंडीज पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है।
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काम्या कार्तिकेयन मुंबई के नेवी चिल्ड्रन स्कूल में सातवी कक्षा की छात्रा हैं। माउंट एकांकगुआ की उचांई 6969 मीटर है, एशिया के बाहर यह सबसे ऊंची चोटी है। कार्तिकेयन ने 1 फरवरी को पर्वत शिखर पर तिरंगा फहराया।
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नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि काम्या के लंबे समय की शारीरिक, मानसिक और साहसिक खेलों में नियमित भागीदारी और कठिन परिश्रम से उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में चढ़ाई पूरी करने मे मदद मिली। काम्या के पिता एस. कार्तिकेयन भारतीय नौसेना में कमांडर हैं उनकी मां पेशे से शिक्षक हैं। बचपन से ही काम्या में माउंटेनियरिंग का जूनून पैदा हो गया था।
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काम्या ने इससे पहले भी कई ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई की है। इससे पहले उन्होंने 24 अगस्त 2019 को कठिन परिस्थितियों में लद्दाख की 6260 मीटर ऊंची माउंट मेंटॉक कांगड़ी 2 पर भी जीत हासिल की थी।
काम्या ने माउंटेनियरिंग की शुरुआत तीन साल की उम्र में ही कर दी थी। तब वे लोनावला में बेसिक ट्रैक पर जाती थी। 9 साल की उम्र में काम्या ने अपने माता-पिता के साथ उत्तराखंड में कई हाई-अल्टीट्यूड ट्रैक किए।
दस साल की उम्र में काम्या नेपाल में 5346 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप पहुंच गई थी। काम्या माउंट स्टोक कांगड़ी पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की माउंटेनियर भी रही हैं।