फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Naveen Patnaik Writes to Finance Minister, Demands Action Against Those Responsible on bank case

बैंक के नियम इंसानियत से बड़े हैं?: नवीन पटनायक ने वित्त मंत्री को लिखी चिट्ठी, जिम्मदारों पर कार्रवाई की मांग

Sat, 02 May 2026 03:06 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल आईएएनएस, भुवनेश्वर
आईएएनएस, भुवनेश्वर Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 02 May 2026 03:06 PM IST
सार

 ओडिशा के क्योंझर में एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी मृत बहन के पैसे निकालने के लिए बैंक में उसका कंकाल लाना पड़ा। बैंक अधिकारी पैसे देने के लिए 'शारीरिक उपस्थिति' की मांग कर रहे थे। इस अमानवीय घटना पर ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने कड़ा ऐतराज जताया है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं। 

विज्ञापन
Naveen Patnaik Writes to Finance Minister, Demands Action Against Those Responsible on bank case
नवीन पटनायक - फोटो : ANI

विस्तार

ओडिशा के केओंझार जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी बहन की मौत साबित करने के लिए उसकी हड्डियां बैंक के बाहर लानी पड़ीं। इस घटना पर बीजेडी प्रमुख और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले को अमानवीय बताया और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। 
विज्ञापन


27 अप्रैल को केओंझार के मलिपोसी शाखा में यह घटना हुई। जीतू मुंडा नाम के व्यक्ति ने अपनी मृत बहन की हड्डियां बैंक के बाहर रखीं। वह 20 हजार रुपये निकालना चाहता था, लेकिन बैंक ने “फिजिकल प्रेजेंस” मांगी। कई बार बैंक जाने के बावजूद उसे मदद नहीं मिली। मजबूरी में उसने यह कदम उठाया, जिससे मामला सुर्खियों में आ गया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- रेस्तरां में महंगा होगा खाना?: कमर्शियल LPG सिलिंडर के दाम बढ़ने से संकट में व्यापार, होटल वालों ने रखी शर्तें
विज्ञापन
विज्ञापन


नवीन पटनायक ने क्या कहा?
पटनायक ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि नियम लोगों को सशक्त बनाने के लिए होते हैं, अपमान करने के लिए नहीं। बैंक द्वारा आरबीआई नियमों का हवाला देने को उन्होंने गलत बताया।

उन्होंने कहा कि यह नागरिकों के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने केंद्र से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

बैंक की भूमिका पर क्या सवाल उठे?
बैंक अधिकारियों पर संवेदनहीन व्यवहार का आरोप लगा।
जरूरतमंद व्यक्ति को सही जानकारी और सहायता नहीं दी गई।
नियमों के नाम पर इंसानियत को नजरअंदाज किया गया।
यह घटना ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
खासकर आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में सेवा पर चिंता बढ़ी है।

सरकार से क्या मांग की गई है?
दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग। ग्रामीण बैंकों में मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की अपील। नियमों को सरल और नागरिक हित में बनाने पर जोर। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त कदम उठाने की मांग। बैंकिंग सिस्टम में सुधार की जरूरत बताई गई।

इस घटना का क्या असर पड़ा है?
ओडिशा में इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। मामला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। बैंकिंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। यह घटना सिस्टम में सुधार की जरूरत को दिखाती है। अब केंद्र सरकार के कदम पर सबकी नजर टिकी है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed