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Amit Shah: आतंकी संचार-नशे की समस्या से निपटने की तैयारी, राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में शाह ने दिए अहम निर्देश
Sat, 26 Jul 2025 01:32 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 26 Jul 2025 01:32 PM IST
सार
गृह मंत्री ने आतंकवादी और तस्करी गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लाने के लिए कड़े उपाय करने के भी निर्देश दिए, जिसमें केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने, आतंकवाद-अपराधी के घरेलू गठजोड़ को तोड़ने के निर्देश दिए।
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केंद्रीय गृहमंत्री मंत्री अमित शाह
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादी समूहों द्वारा एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करने पर चिंता जताई और साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए एक विशेष मंच स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि आतंकी संगठनों के सोशल मीडिया के जरिए खुफिया संचार पर लगाम कसी जा सके। गृह मंत्री ने भगोड़ों को वापस लाने के लिए भी एक मजबूत तंत्र और बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की।
राष्ट्रीय सुरक्षा के कई मुद्दों पर हुआ मंथन
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 8वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ये बातें कही। इस सम्मेलन में देशभर से 800 के करीब अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें से कुछ भौतिक तो कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया। सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्र के हितों के खिलाफ रहने वाले बाहरी तत्वों की भूमिका और मादक पदार्थों के व्यापार में उनकी संलिप्तता सहित उनके घरेलू संबंधों के मुद्दे पर मंथन हुआ। इनमें आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल की जानी वाली एन्क्रिप्टेड संचार ऐप्स और अन्य नई तकनीकों के गलत इस्तेमाल से पैदा हुईं चुनौतियों पर बात हुई। साथ ही भीड़ प्रबंधन, निर्जन द्वीपों की सुरक्षा के मुद्दे पर मंथन हुआ।
आतंकवाद के वित्तपोषण से मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। गृह मंत्री ने आतंकवादी और तस्करी गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लाने के लिए कड़े उपाय करने के भी निर्देश दिए, जिसमें केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने, आतंकवाद-अपराधी के घरेलू गठजोड़ को तोड़ने के निर्देश दिए। गृह मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पुलिस संगठनों द्वारा केवल स्वदेशी तकनीक का ही उपयोग किया जाए।
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ये भी पढ़ें- Rahul Gandhi: पूर्व सांसद ने राहुल गांधी की बाबासाहेब आंबेडकर से की तुलना, बोले- वो साबित कर देंगे..
दूसरे दिन इन चुनौतियों से निपटने पर होगी चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन नागरिक उड्डयन और बंदरगाह सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध, वामपंथी उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के मुद्दे पर केंद्रित होगा। इस बैठक में भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में, केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल रहे। साल 2016 में डीजीएसपी और आईजीएसपी सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन आयोजित करने का निर्देश दिया था, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के अनुभव के माध्यम से और क्षेत्र विशेषज्ञों के सहयोग से प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान खोजना था। प्रधानमंत्री के निर्देशों के तहत साल 2021 से सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा के कई मुद्दों पर हुआ मंथन
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 8वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ये बातें कही। इस सम्मेलन में देशभर से 800 के करीब अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें से कुछ भौतिक तो कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया। सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्र के हितों के खिलाफ रहने वाले बाहरी तत्वों की भूमिका और मादक पदार्थों के व्यापार में उनकी संलिप्तता सहित उनके घरेलू संबंधों के मुद्दे पर मंथन हुआ। इनमें आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल की जानी वाली एन्क्रिप्टेड संचार ऐप्स और अन्य नई तकनीकों के गलत इस्तेमाल से पैदा हुईं चुनौतियों पर बात हुई। साथ ही भीड़ प्रबंधन, निर्जन द्वीपों की सुरक्षा के मुद्दे पर मंथन हुआ।
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आतंकवाद के वित्तपोषण से मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। गृह मंत्री ने आतंकवादी और तस्करी गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लाने के लिए कड़े उपाय करने के भी निर्देश दिए, जिसमें केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने, आतंकवाद-अपराधी के घरेलू गठजोड़ को तोड़ने के निर्देश दिए। गृह मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पुलिस संगठनों द्वारा केवल स्वदेशी तकनीक का ही उपयोग किया जाए।
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दूसरे दिन इन चुनौतियों से निपटने पर होगी चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन नागरिक उड्डयन और बंदरगाह सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध, वामपंथी उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के मुद्दे पर केंद्रित होगा। इस बैठक में भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में, केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल रहे। साल 2016 में डीजीएसपी और आईजीएसपी सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन आयोजित करने का निर्देश दिया था, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के अनुभव के माध्यम से और क्षेत्र विशेषज्ञों के सहयोग से प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान खोजना था। प्रधानमंत्री के निर्देशों के तहत साल 2021 से सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है।
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