सीमा वार्ता के लिए चीन पहुंचे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एएसए) अजीत डोभाल शुक्रवार को चीन पहुंचे। डोभाल शनिवार को भारत-चीन सीमा वार्ता के 21वें दौर की बैठक में हिस्सा लेंगे। डोभाल और चीनी स्टेट काउंसलर व विदेश मंत्री वांग यी के बीच सिचुआन प्रांत के डुजियांग शहर में वार्ता होनी है।
बैठक में डोभाल और वांग सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ ही वुहान सम्मेलन के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस साल अप्रैल में हुए वुहान सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हिस्सा लिया था।
डोभाल और वांग को सीमा से जुड़े मुद्दे पर बातचीत के लिए दोनों देशों ने विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। हालांकि, वांग की डोभाल के साथ सीमा मुद्दे पर पहले राउंड की वार्ता होगी। उन्हें इस साल ही यांग जेइची की जगह स्टेट काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों देशों की बीच 20वें दौर की बैठक पिछले साल नई दिल्ली में हुई थी।
शीर्ष स्तरीय वार्ता से ठीक पहले बुधवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा था, ‘भारत और चीन के संबंधों में मजबूती आई है। सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों ने संवाद और बातचीत को माध्यम बनाया है। इसकी वजह से हमारे रिश्ते में पहले के मुकाबले तेजी से गर्माहट आई है।’
बताते चलें कि चीन और भारत के बीच 3488 किमी लंबी सीमा को लेकर विवाद है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता रहा है। इसी वजह से चीन अरुणाचल में किसी भी शीर्ष भारतीयों नेताओं के दौरे पर अपना विरोध दर्ज कराता है।