फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   national player has compelled to live in broken house

तुर्की तक जलवा बिखेर चुका है यह प्लेयर, ऐसे मकान में रहने को है मजबूर

Wed, 24 Aug 2016 04:05 AM IST
हिमांशु गुप्ता/ भूपेंद्र चौधरी: अलीगढ़
हिमांशु गुप्ता/ भूपेंद्र चौधरी: अलीगढ़ Updated Wed, 24 Aug 2016 04:05 AM IST
विज्ञापन
national player has compelled to live in broken house
इंटरनेशनल प्लेयर का घर
रियो ओलंपिक में भारत के 118 खिलाड़ियों में से महज पीवी सिंधू और साक्षी ही पदक हासिल कर सकीं। मेडल मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों पर जमकर धनवर्षा हुई। इसके बाद सवाल उठा कि ऐसा खर्च खिलाड़ियों पर पहले ही किया जाए तो उनका प्रदर्शन और बेहतर होगा और भारत कई मेडल हासिल कर सकता है। 
विज्ञापन


कमोबेश ऐसे ही हालात अलीगढ़ निवासी ओ-स्पोर्ट्स (मिक्स मार्शल आर्ट) जूनियर वर्ग के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजाबाबू के हैं। पिछली साल बारिश में मकान गिरने के बाद राजा का परिवार बेघर हो गया है। एक टीन शेड के नीचे परिवारीजन गुजारा कर रहे हैं। ग्राम प्रधान से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाने के बाद भी उसे कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। 
विज्ञापन


जिला मुख्यालय से महज 35 किलोमीटर दूर अतरौली तहसील के गांव बहादुरपुर निवासी राजाबाबू के पिता राजकुमार भैंसा गाड़ी चलाकर परिवार चलाते थे। बड़ा भाई अर्जुन भी गांव में मजदूरी करता था। दोनों लोगों की कमाई से बमुश्किल परिवार का पालनपोषण हो रहा था। कुछ साल पहले काम न मिलने के कारण पिता को भैंसा गाड़ी बेचनी पड़ी। गांव में ज्यादा पैसा न मिलने के कारण बड़ा भाई गाजियाबाद में रहकर मजदूरी कर रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



आजीविका चलाने के लिए राजकुमार, पत्नी बिजरानी के साथ रोहतक चले गए हैं और वहां दोनों लोग गौशाला में मेहनत, मजदूरी कर मासिक 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह कमा लेते हैं। इनसे वह अपने खर्च के साथ-साथ गांव में रह रहे राजाबाबू के दादा मंगल सिंह और दादी रेशमदेवी, दो छोटी बहनों का खर्च भी चला रहे हैं। महंगाई के इस दौर में आजीविका के लिए पूरा परिवार अलग-अलग जगहों पर रहने को मजबूर है। राजाबाबू इन दिनों मेरठ में मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस कर रहा है।

पिछले साल गिरा था मकान

national player has compelled to live in broken house
खिलाड़ी के परिजन
राजाबाबू ने बताया कि पिछले साल बारिश में राजा का कच्चा-पक्का मकान गिर गया। एक हिस्से में टीनशेड लगाकर उसके दादा-दादी, दो बहनें गांव में रह रहे हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान के माध्यम से जिला स्तरीय अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। तत्कालीन डीएम बलकार सिंह ने उसे सीडीओ डीएस सचान के पास भेज दिया। तहसीलदार, लेखपाल आदि गांव में मुआयना करने गए। इन सबके बाद भी नतीजा सिफर रहा। अब उन्होंने अप्रैल 2016 में इस संबंध में मदद के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री के यहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई है। 

अमित कुमार, एसडीएम अतरौली ने कहा कि यह प्रकरण मेरे कार्यकाल का नहीं है। फिर भी अगर खिलाड़ी इसकी पात्रता की श्रेणी में है तो उसकी पूरी मदद की जाएगी। राजाबाबू अपने दस्तावेजों के साथ मुझसे मिले। उसे विधायक निधि के माध्यम से आवास दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

national player has compelled to live in broken house
खिलाड़ी
राजा की उपलब्धियां का सफर
- सितंबर 2012 में दिल्ली में एशियन ओ-स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को धूल चटाई और गोल्ड मेडल जीता। 
- इस शानदार प्रदर्शन के बाद उसे तुर्की में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप का टिकट मिला लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसके सपनों पर ग्रहण छा गया। 
- उसकी उपलब्धि की खबर अमर उजाला में पढ़ने के बाद राजाबाबू के प्रायोजक के रूप में डीपीएस अलीगढ़ सामने आया और नवीं कक्षा में दाखिला दिया।
- डीपीएस ने उसे स्पांसर किया और पूरा खर्चा उठाकर तुर्की के लिए रवाना किया। 
- नवंबर 2012 में तुर्की में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में ईरान, अफगानिस्तान और तुर्की के खिलाड़ियों को पटखनी दी और सिल्वर मेडल जीता। 
- डीपीएस ने 2014-15 में मार्शल आर्ट के ट्रेनिंग के लिए राजा को चीन भेजा। यहां उसने आठ महीने प्रशिक्षण लिया। 
- अक्तूबर 2015 में राजा ने सीबीएसई की ओर से हुई वूशू की नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed