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NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने पूछा, आत्महत्याएं रोकने को मेडिकल कॉलेज बताएं क्या कदम उठाए
Mon, 21 Nov 2022 07:17 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 21 Nov 2022 07:17 AM IST
सार
एनएमसी के मुताबिक, देश के कई कॉलेजों ने अब तक रेजिडेंट डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर तक साझा नहीं किया है, जिसके लिए आयोग तीन बार कॉलेज प्रबंधकों को लिख चुका है।
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नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की बढ़ती आत्महत्याओं की घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने चेतावनी निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि जिन कॉलेजों ने अब तक जानकारी उपलब्ध नही कराई है, उन्हें एक सप्ताह का आखिरी मौका दिया है। इसके बाद आयोग नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आत्महत्याओं की घटना पर रोक लगाने, बीते पांच साल में हुईं घटनाओं का ब्यौरा और उन्हें लेकर कॉलेजों की अंतरिम रिपोर्ट की जानकारी के लिए बीते माह एनएमसी ने आदेश जारी किया था।
एनएमसी के मुताबिक, देश के कई कॉलेजों ने अब तक रेजिडेंट डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर तक साझा नहीं किया है, जिसके लिए आयोग तीन बार कॉलेज प्रबंधकों को लिख चुका है। इन्हें भी आखिरी चेतावनी देते हुए तत्काल एमबीबीएस, पीजी का ड्यूटी रोस्टर मांगा है, ताकि यह पता चले कि रेजिडेंट डॉक्टरों को सप्ताह में कितने घंटे काम करना पड़ रहा है। एजेंसी
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सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आत्महत्याओं की घटना पर रोक लगाने, बीते पांच साल में हुईं घटनाओं का ब्यौरा और उन्हें लेकर कॉलेजों की अंतरिम रिपोर्ट की जानकारी के लिए बीते माह एनएमसी ने आदेश जारी किया था।
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एनएमसी के मुताबिक, देश के कई कॉलेजों ने अब तक रेजिडेंट डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर तक साझा नहीं किया है, जिसके लिए आयोग तीन बार कॉलेज प्रबंधकों को लिख चुका है। इन्हें भी आखिरी चेतावनी देते हुए तत्काल एमबीबीएस, पीजी का ड्यूटी रोस्टर मांगा है, ताकि यह पता चले कि रेजिडेंट डॉक्टरों को सप्ताह में कितने घंटे काम करना पड़ रहा है। एजेंसी
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