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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा में बदइंतजामी, छात्रों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन
Wed, 24 Jul 2019 06:11 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 24 Jul 2019 06:11 PM IST
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा में विरोध प्रदर्नश करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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कटक स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा के छात्रसंघ ने अपने स्टूटेंट काउंसिल के साथ 24 जुलाई से अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) छात्रसंघ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक विश्वविद्यालय की दुर्दशा करने वाली वर्षों से चली आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रशासन कोई ठोस समाधान नहीं ढूंढ लेगा।
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छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में कार्य करने और रहने की परिस्थितियों को प्रभावित करनेवाले मुद्दों पर प्रशासन ने आंख मूंद रखी है। महिला छात्रावास की स्थिति बहुत बुरी है और वह रहने लायक नहीं है।
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छात्रों के मुताबिक इस संस्थान की स्थापना के वक्त विद्यार्थियों से वादा किया गया था कि यहां एक विश्व स्तरीय पुस्तकालय बनाया जाएगा लेकिन इसके लिए एक बुनियादी ढांचा तैयार करने के अलावा इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। शैक्षणिक और परीक्षा की कई नीतियां विद्यार्थियों के प्रति पूर्वाग्रह से भरी हुई हैं।
आगामी सत्र से विद्यार्थियों के नए बैच के लिए फीस में 30 हजार रुपये का इजाफा कर दिया गया है और इसके लिए कोई तर्कसंगत कारण भी नहीं बताया गया है। यही नहीं विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट की संख्या बढ़ाने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं।
छात्रों का कहना है कि विशेष तौर पर इन मुद्दों को कई सालों से उठाया जा रहा है लेकिन इनमें से किसी भी समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई खास कदम नहीं उठाया है।
एनएलयू के छात्रों का कहना है कि वे सिर्फ अपने अधिकारों के अलावा कुछ भी नहीं मांग रहे। उन्होंने कहा कि यह उनका अधिकार है कि विश्वविद्यालय उन्हें ऐसा माहौल दे जहां पढ़ाई-लिखाई संभव हो सके।
छात्रों के मुताबिक इन बुनियादी समस्याओं की वजह से विश्वविद्यालय में सुविधाजनक तरीके और नियमित रूप से क्लास में पढ़ाई कर पाना मुश्किल हो गया है। स्थिति इतनी बुरी है कि छात्रों के एक हिस्से के पास रहने के लिए अच्छी जगह तक नहीं है।
छात्रों का कहना है कि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मकसद प्रशासन को नींद से जगाना है ताकि बुनियादी समस्याएं हल हो सकें और विश्वविद्यालय में छात्रों को पढ़ाई-लिखाई का उचित माहौल मिल सके।