महात्मा गांधी के सम्मान में एक साथ बैठे राजनीति के कई धुर-विरोधी नेता
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देश की राजनीति के कई धुर-विरोधी नेता आज एक साथ बैठे। महात्मा गांधी की 150वीं सालगिरह को धूम-धाम से मनाने की रूपरेखा को लेकर राष्ट्रपति भवन में कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत महात्मा गांधी की 150वीं सालगिरह को बेहद धूमधाम से मनाने को लेकर चर्चा करने बैठे।
प्रधानमंत्री ने इस बैठक के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि महात्मा गांधी का संदेश पूरी दुनिया में सदियों तक सदियों तक जिंदा रहे, जिन्हें अभी तक उन्हें जानने का मौका नहीं मिला है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि बैठक में एक साल तक चलने वाले समारोह के लिए विचारों का आदान प्रदान होता रहे।
#WATCH Delhi: Visuals from first meeting of National Implementation Committee for Commemoration of 150th Birth Anniversary of Mahatma Gandhi, being chaired by President Kovind. PM Modi also present at the event, along with Ministers, CMs of various states & opposition leaders. pic.twitter.com/FG0ThS2hlc
— ANI (@ANI) May 2, 2018
इस बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लेब देब समेत आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने का निमंत्रण था। महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिन को पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाएगा, जो 2 अक्टूबर, 2019 से शुरू हो कर 2 अक्टूबर 2020 तक चलेगा।
इस बारे में 2 अक्टूबर, 2017 को एक राष्ट्रीय समिति को गठन किया गया, जिसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के अलावा गांधीवादी विचारधारा वाले बुद्धिजिवी, चिंतक और देश की कई हस्तियों को इसमें शामिल किया गया। यह कमेटी तय करेगी कि कैसे महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिवस को धूमधाम से और किस भव्यता से पूरे एक साल तक मनाया जाए।