{"_id":"622383f8a81d821789746e77","slug":"national-aerospace-laboratories-said-that-india-first-indigenous-flying-trainer-hansa-new-generation-aircraft-completes-sea-level-trials","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगलुरु: देश का पहला स्वदेशी फ्लाइंग ट्रेनर एयरक्राफ्ट हंसा-एनजी का सी-लेवल ट्रायल पूरा, जानिए इसकी खासियत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगलुरु: देश का पहला स्वदेशी फ्लाइंग ट्रेनर एयरक्राफ्ट हंसा-एनजी का सी-लेवल ट्रायल पूरा, जानिए इसकी खासियत
Sat, 05 Mar 2022 10:35 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरु
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 05 Mar 2022 10:35 PM IST
सार
भारत के पहले स्वदेशी फ्लाइंग ट्रेनर विमान हंसा-एनजी ने 19 फरवरी से 5 मार्च तक पुडुचेरी में समुद्र स्तरीय परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। एनएएल ने इसकी जानकारी शनिवार को विज्ञप्ति जारी करके दी।
विज्ञापन
हंसा एनजी
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीएसआईआर-नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (एनएएल) द्वारा डिजाइन और विकसित पहला स्वदेशी फ्लाइंग ट्रेनर हंसा-एनजी समुद्र स्तरीय परीक्षण में भी खरा उतरा। पुड्डुचेरी में 19 फरवरी से 5 मार्च तक चले परीक्षण में पता चला कि यह भारतीय फ्लाइंग क्लब के लिए खासा अनुकूल है। प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी कर इसका निर्माण जल्द ही शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
एनएएल ने बताया कि 19 फरवरी को जहाज को 140 नॉटिकल माइल दूर स्थित पुड्डुचेरी ले जाया गया। इसने 155 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से 1.5 घंटे में यह दूरी तय की। इस परीक्षण का लक्ष्य इसके संचालन के गुण-दोषों, चढ़ाई/समुद्री क्षेत्र में प्रदर्शन, उतरते समय दक्षता, ढांचागत प्रदर्शन, पावर प्लांट और अन्य तकनीकों का आकलन था। इसने सभी परीक्षणों में कामयाबी पाई और पुड्डुचेरी में 18 घंटे की उड़ान पूरी करने के बाद 5 मार्च को बेंगलुरु पहुंच गया।
विज्ञापन
एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टब्लिशमेंट (एएसटीई) के विंग कमांडर केवी प्रकाश और विंग कमांडर दिलीप रेड्डी इसके पायलट थे। एनएएल ने इस पर निगाह रखी और टेलीमेट्री के विंग कमांडर रीजू चक्रबर्ती फ्लाइट टेस्ट डायरेक्टर थे।
विज्ञापन
एनएएल के डायरेक्टर जितेंद्र जे. जाधव ने बताया कि 37 बार में 50 घंटे से ज्यादा की उड़ान पूरी करने वाले इस हवाई जहाज के लिए नागरिक उड्डन महानिदेशालय (डीजीसीए) से प्रमाण पत्र हासिल करने से पहले कुछ और उड़ानें पूरी की जाएंगी। अप्रैल तक प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद सरकारी और निजी उद्योगों में इसका निर्माण शुरू किया जाएगा। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान आगे बढ़ेगा।
कम कीमत और तेल खर्च भी कम
एनएएल ने बताया कि हंसा-एनजी अत्याधुनिक फ्लाइंग ट्रेनर है। इसमें रोटेक्स डिजिटल कंट्रोल इंजन है। अनोखी जस्ट इन टाइम प्रीप्रेग कंपोजिट लाइटवेट एयरफ्रेम, ग्लास कॉकपिट, विस्तृत नयनाभिराम दृश्य के साथ बबल कैनोपी, विद्युत चालित फ्लैप आदि खूबियां भी हैं। यह भारतीय फ्लाइंग क्लब की जरूरतों को पूरा करता है। अपनी कम कीमत और कम फ्यूल खर्च करने के कारण यह कमर्शियल पायलट लाइसेंसिंग के लिए उपयुक्त है। एनएएल को विभिन्न फ्लाइंग क्लब की ओर से इसके संबंध में पहले ही 80 आशय पत्र मिल चुके हैं।