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Hindi News ›   India News ›   Nashik News : Om Mahajan Cycles From Kashmir To Kanyakumari In Eight Days, Sets Record

नासिक के 18 साल के साइक्लिस्ट का कमाल, आठ दिन में कश्मीर से कन्याकुमारी पहुंचा

Sun, 22 Nov 2020 02:12 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, मुंबई
एजेंसी, मुंबई Published by: योगेश साहू Updated Sun, 22 Nov 2020 02:12 AM IST
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Nashik News : Om Mahajan Cycles From Kashmir To Kanyakumari In Eight Days, Sets Record
Cyclist - फोटो : सोशल मीडिया

महाराष्ट्र के नासिक का ओम महाजन अगले महीने 18 साल का होगा, लेकिन बालिग होने की कानूनी उम्र पार करने से पहले ही उसने अपने नाम देश में सबसे तेज साइकिल यात्रा का रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। ओम ने साइकिल पर सवार होकर शनिवार दोपहर को महज आठ दिन, 7 घंटे और 38 मिनट में कश्मीर के श्रीनगर से तमिलनाडु में कन्याकुमारी तक का 3600 किलोमीटर लंबा सफर पूरा करते हुए यह रिकॉर्ड बनाया।

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ओम ने कन्याकुमारी पहुंचने के बाद कहा, मैं हमेशा से साइकिल चला रहा था, लेकिन यह महज घूमने के लिए थी। लॉकडाउन शुरू होने के बाद मैंने एंड्यूरेंस साइक्लिंग करने और रेस एक्रॉस अमेरिका (आरएएएम) में भाग लेने का सपना देखना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, करीब छह महीने पहले मैंने आरएएएम के लिए क्वालिफायर राइड का अभ्यास शुरू किया था, जो नवंबर में होने वाली थी। 
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लेकिन ओम ने स्टेंडर्ड 600 किलोमीटर क्वालिफायर राइड में हिस्सेदारी करने के बजाय अपने लिए ‘रेस एक्रॉस इंडिया’ का लक्ष्य तय किया। ओम ने पिछले सप्ताह श्रीनगर में बर्फीली रात के दौरान अपना सफर शुरू किया और मध्य प्रदेश में भारी बारिश और दक्षिण की जला देने वाली गर्मी से जूझते हुए शनिवार को कन्याकुमारी पहुंच गए। ओम ने कहा, सोना और यहां तक कि आराम करना भी इस सफर में बेहद कीमती था। उन्होंने कहा कि सफर के दौरा ठंड में साइक्लिंग करना सबसे मुश्किल हिस्सा था। 
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ओम को इस सफर के दौरान सपोर्ट क्रू के तौर पर कई अनुभवी साइकिल सवारों का साथ मिला, जिनमें उसके पिता और चाचा भी शामिल थे। इसके अलावा आरएएएम के अकेले फिनिशर कबीर रायचूर ने भी एक वाहन में सवार होकर सपोर्ट टीम के तौर पर ओम का हौसला बढ़ाया। ओम ने भी कहा कि उसकी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय क्रू टीम को ही जाता है। उन्होंने कहा, यह हम सभी को संयुक्त रिकॉर्ड है।

कोरोना के कारण बन पाया रिकॉर्ड
ओम के इस रिकॉर्ड में कोरोना वायरस महामारी का भी योगदान रहा है, जिसके कारण वह अमेरिका के कंसास नहीं जा सके। कंसास में ओम खेल प्रबंधन विषय में स्नातक कर रहे हैं। महामारी के कारण ही ओम को अपनी ट्रेनिंग पूरी करने का भी समय मिल पाया। ओम ने अपने लिए आरएएएम को अगले लक्ष्य के तौर पर तय किया है, जो पृथ्वी पर सबसे कठिन साइकिल रेस कही जाती है। आरएएएम को सफलतापूर्वक खत्म करने के लिए ओम को 12 दिन के अंदर 4800 किलोमीटर का सफर करना होगा। ओम के पिता हितेंद्र और चाचा महेंद्र ने 2015 में दो लोगों की टीम के तौर पर आरएएएम में जीत का परचम लहराया था। इन दोनों के नाम पर स्वर्णिम चतुर्भुज के साथ सबसे तेज साइकिल यात्रा का भी रिकॉर्ड दर्ज है।


अपने चाचा का ही गिनीज रिकॉर्ड तोड़ा
गिनीज बुक रिकॉर्ड में श्रीनगर से कन्याकुमारी तक सबसे तेज साइकिल यात्रा का पिछला रिकॉर्ड ओम के ही चाचा महेंद्र महाजन के नाम पर था। हालांकि ओम के चाचा के रिकॉर्ड को हाल ही में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल भारत पन्नू ने यह दूरी आठ दिन और 9 घंटे में पूरा करते हुए तोड़ दिया था। लेकिन कर्नल पन्नू का रिकॉर्ड अभी तक गिनीज बुक में शामिल नहीं हो पाया है। ऐसे में ओम ने अपने ही चाचा का रिकॉर्ड तोड़ा है। शनिवार को जैसे ही ओम की उपलब्धि की खबर सोशल मीडिया पर साइकिलिस्ट समुदाय में फैली तो कर्नल पन्नू ने तत्काल इस 17 साल के लड़के को बधाई भी दी। 

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