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स्मारक में बदला जाएगा 26/11 हमलों का गवाह नरीमन हाउस
एजेंसी, मुंबई
Updated Mon, 15 Jan 2018 02:16 AM IST
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नरीमन हाउस
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 26/11 आतंकवादी हमले के शिकार हुए नरीमन हाउस को घटना में जान गंवाने वाले लोगों की याद में स्मारक में बदला जाएगा। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुंबई दौरे के दौरान औपचारिक रूप से इसकी घोषणा की जाएगी। वर्ष 2008 में मुंबई में 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले के दौरान चबाड हाउस के नाम से चर्चित नरीमन हाउस में निदेशक रहे यहूदी दंपती रब्बी गेव्रिएल और रिवका होल्ट्जबर्ग व छह अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके में पांच मंजिला ऐतिहासिक भवन में दंपती चबाड-लुबाविच मुहिम के लिए एक सांस्कृतिक केंद्र चलाता था। वर्तमान में नरीमन हाउस का नेतृत्व कर रहे रब्बी इस्राइल कोजोलोवास्की ने बताया कि यहूदी संगठन चबाड-लुबाविच द्वारा स्थापित किए जा रहे स्मारक की औपचारिक घोषणा मंगलवार को यहां इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में की जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘लिविंग मेमोरियल’ की स्थापना खुद की, अपने समुदाय और दुनिया की बेहतरी के लिए सभी पंथ के लोगों को जागरूक और प्रेरित करने के लिए की जा रही है।
पढ़ें- क्या भारत की 'लापरवाही' से रिहा हो जाएंगे हमलावर?
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दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके में पांच मंजिला ऐतिहासिक भवन में दंपती चबाड-लुबाविच मुहिम के लिए एक सांस्कृतिक केंद्र चलाता था। वर्तमान में नरीमन हाउस का नेतृत्व कर रहे रब्बी इस्राइल कोजोलोवास्की ने बताया कि यहूदी संगठन चबाड-लुबाविच द्वारा स्थापित किए जा रहे स्मारक की औपचारिक घोषणा मंगलवार को यहां इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में की जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘लिविंग मेमोरियल’ की स्थापना खुद की, अपने समुदाय और दुनिया की बेहतरी के लिए सभी पंथ के लोगों को जागरूक और प्रेरित करने के लिए की जा रही है।
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नेतन्याहू के साथ नजर नहीं आए मोशे
बेंजामिन नेतन्याहू
26/11 के मुंबई आतंकी हमले में अपने मां-बाप को खोने वाले मोशे होल्ट्जबर्ग भारत की यात्रा पर इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ नजर नहीं आए। इससे पहले खबर थी की मोशे नेतन्याहू के साथ भारत आने वाले हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि मोशे मुंबई पहुंच चुके हैं। मालूम हो कि मोशे नरीमन हाउस में निदेशक रहे यहूदी दंपती रब्बी गेव्रिएल और रिवका होल्ट्जबर्ग के बेटे हैं।
मोशे उस समय दो साल का था जब मुंबई के नरीमन हाउस पर आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में एक भारतीय ने मोशे की जान बचाई थी। नौ साल से ज्यादा समय पहले हुई त्रासदी के बाद अब भारत आया है। इससे पहले मोशे के दादा शिमोन रोशेनबर्ग ने कहा था कि वह अपनी पत्नी को लेकर मोशो के साथ मुंबई पहुंचेंगे। इन लोगों के साथ मोशे की जान बचाने वाली नैनी सैंड्रा सैम्युएल भी होंगी।
मोशे उस समय दो साल का था जब मुंबई के नरीमन हाउस पर आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में एक भारतीय ने मोशे की जान बचाई थी। नौ साल से ज्यादा समय पहले हुई त्रासदी के बाद अब भारत आया है। इससे पहले मोशे के दादा शिमोन रोशेनबर्ग ने कहा था कि वह अपनी पत्नी को लेकर मोशो के साथ मुंबई पहुंचेंगे। इन लोगों के साथ मोशे की जान बचाने वाली नैनी सैंड्रा सैम्युएल भी होंगी।