फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Narendra Modi visited Ayodhya in 1992 before now Photo with murli manohar joshi going viral

वर्षों पहले कार्यकर्ता के रूप में अयोध्या गए थे नरेंद्र मोदी, अब बतौर प्रधानमंत्री ने किया भूमिपूजन

Wed, 05 Aug 2020 11:16 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 05 Aug 2020 11:16 PM IST
विज्ञापन
Narendra Modi visited Ayodhya in 1992 before now Photo with murli manohar joshi  going viral
नरेंद्र मोदी - फोटो : स्पेशल अरेंजमेंट

पांच अगस्त 2020 की तारीख अब इतिहास में दर्ज हो गई है। 492 वर्ष बाद दोबारा राम मंदिर आकार लेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या जाकर राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया है। इसी के साथ एक बार फिर चर्चा में आया है अयोध्या और नरेंद्र मोदी का संबंध। 

विज्ञापन


दरअसल मोदी 28 वर्ष पहले भी अयोध्या गए थे। तब न तो वे विधायक थे, न ही सांसद। उस समय वे भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता थे जो तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से शुरू हुई एकता यात्रा के तहत 1992 में अयोध्या पहुंचे थे। 
विज्ञापन




इस दौरान मोदी ने जोशी के साथ एक सभा को संबोधित भी किया था। इस सभा से पहले उन्होंने रामलला के दर्शन किए थे। कहा जाता है कि इस दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अगली बार वह अयोध्या तभी आएंगे जब यहां राम मंदिर का निर्माण होना होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि उस भाषण का रिकॉर्ड कहीं नहीं है, इसलिए इसकी पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। इसके बाद नरेंद्र मोदी राजनीति में आगे बढ़ते गए और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। और अब 28 वर्ष बाद यानी पांच अगस्त 2020 को यह तस्वीर फिर चर्चा में है, क्योंकि वही नरेंद्र मोदी आज देश के प्रधानमंत्री हैं और उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया है। 

लोकतंत्र के मंदिर के बाद राम के मंदिर में झुका पीएम मोदी का शीश

Narendra Modi visited Ayodhya in 1992 before now Photo with murli manohar joshi  going viral
पीएम मोदी ने राम मंदिर से पहले संसद को भी किया था नमन - फोटो : स्पेशल अरेंजमेंट
इसी के साथ एक और तस्वीर की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहेंगे। आपको मई 2014 याद है। यदि नहीं है तो इस तस्वीर को देखकर जरूर याद आ जाएगा। यह वही ऐतिहासिक तस्वीर है, जिसने देश की राजनीति की तस्वीर भी बदली है। गठबंधन वाली सरकारों के युग को समाप्त किया और पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार संसद भवन पहुंचे थे। 

उन्होंने लोकतंत्र के इस मंदिर में प्रवेश करने से पहले इसकी सीढ़ियों पर माथा टेका था। इस तस्वीर ने देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थीं। मोदी ने इसके माध्यम से यह संदेश दिया कि वो जिस लोकतंत्र की बदौलत देश का मुखिया बने हैं, वो उनके लिए देवतुल्य पूजनीय है।

इसी प्रकार से जब पांच अगस्त 2020 को रामलला के दरबार पहुंचे तो वहां भी वे दंडवत हो गए। यहां उनका धार्मिक पहलू भी दिखा। लेकिन इन दोनों ही तस्वीरों ने बेहद लंबी लकीरें खींच दी हैं, जिन्हें पार कर पाना किसी भी राजनेता के लिए आसान तो कतई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed