पीएम मोदी ने आपातकाल को बताया काला दिवस, कहा- विरोध करने वाले लोगों को सलाम करता हूं
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26 जून को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के 43 साल पूरे हो गए हैं। 21 महीनों तक देश में आपातकाल लागू रहा था। विपक्ष आज तक कांग्रेस को इस मुद्दे पर घेरता रहा है। मंगलवार को जहां भाजपा इस दिन को काले दिवस के तौर पर मना रही है। वहीं आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर लगातार तीन ट्वीट किए हैं। उन्होंने उन लोगों को सलाम किया है जिन्होंने उस दौरान हिम्मत दिखाई थी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले ट्वीट में आपातकाल का विरोध करने वाले लोगों को सलाम करते हुए लिखा- मैं उन महिलाओं और पुरुषों के साहस को सलाम करता हूं जिन्होंने आपातकाल का दृढ़ता से विरोध किया था, जिसे 43 साल पहले लगाया गया था। उनके संघर्षों ने आधिकारिकतावाद और नागरिक स्वतंत्रताओं के चलते लोगों की शक्ति को बरकरार रखा।
दूसरे ट्वीट में पीएम ने आपातकाल को काला समय करार देते हुए कहा- भारत आपातकाल को एक काले समय के तौर पर याद रखता है जहां हर संस्थान को दबाया गया और भय का माहौल बनाया गया। केवल लोग ही नहीं बल्कि विचारों और कलात्मक स्वतंत्रता को राजनीतिक सत्ता के लिए बंधक बना लिया गया था।
तीसरे ट्वीट में पीएम मोदी ने गणतंत्र को मजबूत बनाने का आग्रह करते हुए लिखा- आइए हम सब मिलकर हमेशा अपनी लोकतांत्रिक आस्था को मजबूत बनाने के लिए काम करें। लिखना, बहस करना, विचार करना, सवाल करना हमारे लोकतंत्र के महत्वपूर्ण पहलू हैं जिसपर हमें गर्व है। कोई भी शक्ति कभी भी हमारे संविधान के बुनियादी सिद्धांतों को कम नहीं कर सकती है।
बता दें कि भाजपा आज आपातकाल के खिलाफ देशभर में काला दिवस मनाने वाली है। 43 साल पहले 26 जून को उस समय प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। उन्होंने सुबह 8 बजे देशवासियों को रेडियो के जरिए इसकी सूचना दी थी।
I salute the courage of all those great women and men who steadfastly resisted the Emergency, which was imposed 43 years ago. Their struggles ensured people power prevailed over authoritarianism and the stifling of civil liberties.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 26, 2018
मोदी आपातकाल लगाए जाने के कदम के कटु आलोचक हैं
प्रधानमंत्री ने पिछले साल 25 जून को अपने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा था कि इस तरह की काली रात कभी नहीं भुलाई जा सकती। उन्होंने कहा था कि उन घटनाओं को याद करना जरूरी है जिसके चलते लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा था।
वहीं, लोकतंत्र की सकारात्मक गुणवत्ताओं की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश भाजपा प्रमुख रावसाहेब दानवे भी कल के कार्यक्रम में शरीक होंगे।