यूक्रेन संकट: 24 घंटे में तीसरी बार पीएम मोदी की उच्चस्तरीय बैठक, भारतीयों की वतन वापसी के लिए ऑपरेशन गंगा की समीक्षा की
यूक्रेन में अभी भी करीब 18 हजार भारतीय फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास की ओर से लगातार इन छात्रों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन संकट को लेकर अहम बैठक कर रहे हैं। इस दौरान रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की वजह से बने हालात पर चर्चा हो रही है। दरअसल, सरकार युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को वतन वापस लाने के लिए अभियान चला रही है। पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि यूक्रेन में फंसे हर भारतीय को वापस लाना सरकार की प्रथामिकता है। यही वजह है कि बीते 24 घंटे में तीसरी बार पीएम मोदी उच्चस्तरीय बैठक कर रहे हैं।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi chairs another high-level meeting on Ukraine crisis#RussiaUkraineCrisis pic.twitter.com/PWnsL3Gr2K
— ANI (@ANI) February 28, 2022विज्ञापन
पीएम मोदी ने बैठक के दौरान यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत चल रहे प्रयासों की समीक्षा की। पीएम ने कहा कि पूरी सरकारी मशीनरी चौबीसों घंटे काम कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां सभी भारतीय सुरक्षित रहें और जल्द से जल्द उनकी वतन वापसी हो सके।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों में सरकार के प्रतिनिधि के रूप में चार वरिष्ठ मंत्रियों को भेजने का फैसला किया है। इससे साफ होता है कि सरकार इस मामले को कितनी प्राथमिकता देती है। पीएम ने कहा कि यूक्रेन की सीमाओं पर मानवीय स्थिति से निपटने के लिए यूक्रेन को राहत आपूर्ति की पहली खेप मंगलवार को भेजी जाएगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, दुनिया के एक परिवार होने के भारत के आदर्श वाक्य से प्रेरित होकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत पड़ोसी देशों और विकासशील देशों के लोगों की मदद करेगा, जो यूक्रेन में फंसे हुए हैं। कोई भी भारत से सहायता मांग सकता है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी चुनाव प्रचार के तुरंत बाद रविवार रात अहम बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और वतन वापसी को लेकर प्राथमिकता से कदम उठाने को कहा था। इसके बाद सोमवार सुबह उन्होंने एक फिर हाईलेवल मीटिंग की और भारतीय छात्रों की निकासी के लिए चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में भेजने का फैसला किया।
मोदी ने की रोमानिया और स्लोवाकिया के पीएम से बात
इस बीच पीएम मोदी ने रोमानिया के पीएम निकोलाइ सिऊका से फोन पर बात की। इस दौरान यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने में रोमानिया की मदद पर बात की। प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों को बिना वीजा के रोमानिया में प्रवेश देने और भारत से विशेष निकासी उड़ानों की अनुमति देने के लिए रोमानिया के कदम की सराहना की।
इसके अलावा पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के पीएम एडुअर्ड हेगर से बात की। पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की मदद के लिए भी शुक्रिया अदा किया और अगले कुछ दिनों तक इसे जारी रखने का निवेदन किया। पीएम ने उन्हें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को वहां भेजने के बारे में भी बताया।
पीएमओ के मुताबिक, पीएम मोदी ने यूक्रेन में जारी हिंसा और मानवीय संकट पर भी अपनी पीड़ा व्यक्त की और बातचीत के जरिए समस्या के हल की आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के महत्व पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में अगले कुछ दिनों में भारतीय नागरिकों के निकासी प्रयासों की निगरानी के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके विशेष दूत के रूप में तैनात करने के बारे में भी सूचित किया।
20 हजार से ज्यादा नागरिक फंसे थे
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के बयान के मुताबिक, छात्रों व अन्य लोगों को मिलाकर करीब 20 हजार से ज्यादा भारतीय यूक्रेन में रहते हैं। भारत ने कहा था कि सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी हमारा प्रयास है। अभी भी करीब 18 हजार भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास की ओर से लगातार इन छात्रों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है।