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अमित शाह के मंत्री बनने की उम्मीद कम, नए चेहरे बन सकते हैं राज्य मंत्री
Sat, 25 May 2019 09:44 PM IST
अमर शर्मा
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 25 May 2019 09:44 PM IST
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अमित शाह (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सरकार में शामिल होने के बदले संगठन की दोबारा कमान संभाल सकते हैं। इस स्थिति में बतौर अध्यक्ष तीन साल का दूसरा कार्यकाल पूरा करने के बाद शाह कैबिनेट में जाने का विकल्प आजमा सकते हैं। वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह को फिर से गृह मंत्री बनाए जाने पर अंतिम मुहर लग जाने की चर्चा है। इस कड़ी में स्पीकर के तौर पर वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार के नाम की चर्चा है। मोदी सरकार की नई टीम में राज्य मंत्रियों के रूप ने बड़ी संख्या में नए चेहरे को आजमाया जाएगा।
संघ सूत्रों के मुताबिक शाह सरकार में मंत्री बनने के बदले बतौर अध्यक्ष एक और कार्यकाल पूरा करेंगे। इस बीच पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली सहित दर्जन भर राज्यों में होने वाले अहम विधानसभा चुनाव खत्म हो जाएंगे। जाहिर तौर पर पार्टी के संविधान के मुताबिक शाह को लगातार तीसरा कार्यकाल नहीं मिलेगा। ऐसे में 2022 में दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद शाह सरकार का अंग बन सकते हैं।
इस बीच चर्चा है कि राजनाथ सिंह को दोबारा गृह मंत्री बनाए जाने पर सहमति की मुहर लग चुकी है। जबकि स्पीकर के पद के लिए संतोष गंगवार के नाम पर विचार चल रहा है। टीएम मोदी में पुरानी टीम के राज्य मंत्रियों में से ज्यादातर को दोबारा मौका मिलने की उम्मीद कम है। जबकि संगठन विस्तार के लिए नई टीम में पश्चिम बंगाल और ओडिशा को तरजीह मिलना तय है। इसके अलावा उन राज्यों पर खास निगाह होगी जहां अगले साल तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें इसी साल पार्टीशासित हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में तो अगले साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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संघ सूत्रों के मुताबिक शाह सरकार में मंत्री बनने के बदले बतौर अध्यक्ष एक और कार्यकाल पूरा करेंगे। इस बीच पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली सहित दर्जन भर राज्यों में होने वाले अहम विधानसभा चुनाव खत्म हो जाएंगे। जाहिर तौर पर पार्टी के संविधान के मुताबिक शाह को लगातार तीसरा कार्यकाल नहीं मिलेगा। ऐसे में 2022 में दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद शाह सरकार का अंग बन सकते हैं।
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इस बीच चर्चा है कि राजनाथ सिंह को दोबारा गृह मंत्री बनाए जाने पर सहमति की मुहर लग चुकी है। जबकि स्पीकर के पद के लिए संतोष गंगवार के नाम पर विचार चल रहा है। टीएम मोदी में पुरानी टीम के राज्य मंत्रियों में से ज्यादातर को दोबारा मौका मिलने की उम्मीद कम है। जबकि संगठन विस्तार के लिए नई टीम में पश्चिम बंगाल और ओडिशा को तरजीह मिलना तय है। इसके अलावा उन राज्यों पर खास निगाह होगी जहां अगले साल तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें इसी साल पार्टीशासित हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में तो अगले साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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