{"_id":"5d9af2ff8ebc3e014f25eaf8","slug":"narendra-modi-and-xi-jinping-will-do-four-separate-meetings-together-lasting-over-5-hours","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेन्नई में 24 घंटे बिताएंगे राष्ट्रपति जिनपिंग, पीएम मोदी के साथ 7 घंटे में चार बैठक करेंगे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चेन्नई में 24 घंटे बिताएंगे राष्ट्रपति जिनपिंग, पीएम मोदी के साथ 7 घंटे में चार बैठक करेंगे
Mon, 07 Oct 2019 01:40 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 07 Oct 2019 01:40 PM IST
विज्ञापन
पीएम मोदी और शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते भारत आने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक बैठक के लिए शुक्रवार को जिनपिंग चेन्नई पहुंचेंगे। दोनों वैश्विक नेता चार अलग-अलग बैठकें करेंगे जिसकी समयावधि पांच घंटे या 315 मिनट तक होगी। दोनों नेता समुद्र किनारे बने रिसॉर्ट में रहेंगे जहां से बंगाल की खाड़ी का नजारा दिखता है।
विज्ञापन
जिनपिंग 24 घंटों के चेन्नई और उसके आस-पास बिताएंगे। वह शुक्रवार को डेढ़ बजे चेन्नई पहुंचेंगे और अगले दिन लगभग इसी समय अपने देश वापस चले जाएंगे। दोनों नेता महाबलिपुरम के तीन प्रसिद्ध स्मारकों और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। जिसमें एक घंटे का समय लगेगा। कुल मिलाकर मोदी और जिनपिंग लगभग सात घंटे एकसाथ रहेंगे।
विज्ञापन
दोनों नेताओं की बैठक से पहले चीन ने अरुणाचल प्रदेश में स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा के नजदीक हो रहे सैन्य अभ्यास को लेकर आपत्ति जाहिर की है। जिसके कारण जिनपिंग की भारत यात्रा की तिथि को लेकर घोषणा नहीं हुई है। हालांकि माना जा रहा है कि चीन के राष्ट्रपति शुक्रवार को भारत पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार दोनों नेता शुक्रवार शाम को पांच बजे अपनी अनौपचारिक बैठक की शुरुआत करेंगे। दोनों एक घंटे लंबे टूर में तीन स्मारकों- अर्जुन की तपस्या स्थली, पंच रथ और मल्लपुरम के शोर मंदिर की यात्रा करेंगे। इसके अलावा दोनों नेता शोर मंदिर पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।
माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एनएसी) को स्थिर रखने और व्यापार संबंध चर्चा के केंद्र बिंदु हो सकते हैं। बैठक में सीमा विवाद समाधान के अगले चरण की योजना बनाने और व्यापार घाटे को कम करने के लिए चीन को अधिक भारतीय उत्पादों का निर्यात करने के उपायों पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार गलियारे की प्रगति पर भी ध्यान दिया जाएगा क्योंकि यह बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से बाहर है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शी जिनपिंग को इस बात का आश्वासन देंगे कि अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र प्रशासित प्रदेश में तब्दील करने से वास्तविक नियंत्रण रेखा प्रभावित नहीं होगी।