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'सोनिया गांधी के साथ नरसिम्हा राव के रिश्ते नहीं थे खराब'
एजेंसी/ हैदराबाद
Updated Fri, 22 Jul 2016 05:20 AM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की ओर से शुरू किए गए आर्थिक सुधारों के 25 साल पूरे होने के अवसर पर उनके पौत्र एनवी सुभाष ने दुख जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने नरसिम्हा राव के योगदान को मान्यता नहीं दिया।
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उनको भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए था। सुभाष ने इस बात से भी इनकार किया कि नरसिम्हा राव के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ रिश्ते खराब थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों में यह गलत धारणा है कि प्रधानमंत्री रहने के दौरान राव और सोनिया के बीच संबंध अच्छे नहीं थे।
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सुभाष ने कहा कि दोनों के बीच काफी अच्छे रिश्ते थे। कैबिनेट की बैठकों के पहले और बाद में राव हमेशा सोनिया से मुलाकात करते थे। साथ ही उनसे कैबिनेट के विस्तार और विदेशी दौरे को लेकर सलाह लेते थे।
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इसके अलावा चुनाव के पहले सोनिया गांधी से उनके पसंदीदा प्रत्याशी के बारे में चर्चा करते थे। राव ने गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा दी, राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए सरकारी फंड जारी किया और गांधी परिवार की अच्छी देखभाल की।
उन्होंने कहा, ‘एक प्रधानमंत्री इससे ज्यादा और क्या कर सकता है?’ सुभाष ने कहा, ‘कई लोगों का मानना था कि अगर राव पूरे पांच साल तक प्रधानमंत्री रहे, तो लोग नेहरू-गांधी परिवार को भूल जाएंगे। उन्होंने अपने फायदे के लिए सोनिया को भड़काया।
मुझे नहीं लगता कि सोनिया के प्रति राव के मन में किसी तरह का वैर था।’ खैर राव ने जिन आर्थिक सुधारों का बीज बोया था, अब उसका फायदा नई पीढ़ी को मिल रहा है।