गणेश चतुर्थी: इस्राइल के राजदूत का महाराष्ट्र दर्शन, गणेश चतुर्थी के मौके पर उठाया मोदक का लुत्फ
महाराष्ट्र में इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने कई व्यंजनों का लुफ्त उठाया, जिसमें सोल कढ़ी, वड़ा पाव, साबुदाना वड़ा, झुनकी, दाल पालक और भाकर, श्रीखंड और पुरन पोली और मोदक भी शामिल था।
विस्तार
इस्राइल के राजदूत का महाराष्ट्र दर्शन
गिलोन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने कहा, 'गणपति बप्पा मोर्या। गणेश चतुर्थी के मौके पर हमने महाराष्ट्र के व्यंजनों का आनंद उठाया। हमने भगवान गणेश के पसंदीदा मिठाई मोदक का भी स्वाद चखा। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि हमारी यह भोजन यात्रा कहां तक आगे जाएगी।'
गणपति बाप्पा मोरया! 🙏
Embracing the festive spirit of #GaneshChaturthi, we embarked on a delightful exploration of Maharashtrian cuisine and also tried the divine #Modak, #Ganesh’s favorite.🇮🇳🍽️.विज्ञापन विज्ञापन
Can you guess where our food journey heads next? pic.twitter.com/JXy7Gd4H6w — Naor Gilon (@NaorGilon) September 19, 2023
महाराष्ट्र में इस्राइल के राजदूत गिलोन ने कई अन्य व्यंजनों का लुत्फ उठाया, जिसमें सोल कढ़ी, वड़ा पाव, साबुदाना वड़ा, झुनकी, दाल पालक और भाकर, श्रीखंड और पुरन पोली और मोदक भी शामिल था।
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं
गणेश चतुर्थी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'गणेश चतुर्थी पर देशभर में मेरे परिवार के सदस्यों को शुभकामनाएं। विघ्नहर्ता-विनायक की उपासना से जुड़ा यह पावन उत्सव आप सभी के जीवन में सौभाग्य, सफलता और संपन्नता लेकर आए। गणपति बाप्पा मोरया!'
देशभर के मेरे परिवारजनों को गणेश चतुर्थी की मंगलकामनाएं। विघ्नहर्ता-विनायक की उपासना से जुड़ा यह पावन उत्सव आप सभी के जीवन में सौभाग्य, सफलता और संपन्नता लेकर आए। गणपति बाप्पा मोरया! pic.twitter.com/h3u3ltDcVH
— Narendra Modi (@narendramodi) September 19, 2023
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्म के उपलक्ष पर मनाया जाता है। यह हिंदुआ को सबसे बड़े त्योहारों में से एक है और महाराष्ट्र में इसे विशेष रूप से मनाया जाता है। हर साल इसे बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त गणपति के दर्शन के लिए मंदिरों और पंडालों में जाते हैं। दस दिनों तक मनाए जाने वाले इस उत्सव का आगाज आज यानी की 19 सितंबर से हो चुका है।