CISF: अब दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर होगी 'नमो भारत कॉरिडोर' की सुरक्षा, UP SSF के 240 जवानों को मिलेगी ट्रेनिंग
देश के आधुनिक क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना, यानी 'नमो भारत कॉरिडोर', अब दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर इसकी सुरक्षा की जाएगी। यूपी पुलिस एसएसएफ के 240 जवानों को सीआईएसएफ ट्रेनिंग देगी। प्रशिक्षण के पहले चरण में 40 कर्मियों को ट्रेंड किया जाएगा।
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देश के आधुनिक क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना, यानी 'नमो भारत कॉरिडोर', अब दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर इसकी सुरक्षा की जाएगी। यूपी पुलिस एसएसएफ के 240 जवानों को सीआईएसएफ ट्रेनिंग देगी। प्रशिक्षण के पहले चरण में 40 कर्मियों को ट्रेंड किया जाएगा। उसके बाद बाकी के जवान ट्रेंड होंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के प्रशिक्षण प्रकोष्ठ 'कवच' में प्रारंभ किया गया है। यह प्रकोष्ठ, मेट्रो रेल और जन तीव्र ट्रांजिट सुरक्षा में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीएसएफ) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अंतर्गत नमो भारत कॉरिडोर पर तैनाती के लिए निर्धारित उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपी एसएसएफ) के कर्मियों के लिए छह दिवसीय विशेष "एक्स-बीआईएस और सुरक्षा उपकरण संचालन पाठ्यक्रम" शुरू किया है। उद्घाटन सत्र में सुवाशिश चौधरी, सीएससी/डीएमआरसी, एमएस उपाध्याय, प्रिंसिपल सीएससी, नमो भारत, और संतोष चालके, आईपीएस, डीआईजी/सीआईएसएफ यूनिट डीएमआरसी ने महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा में अंतर-एजेंसी सहयोग के महत्व पर जोर दिया है।
कमांडेंट रैंक के एक अधिकारी सहित उत्तर प्रदेश सुरक्षा बल के कुल 40 जवान पहले बैच में भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के प्रमुख शहरी केंद्रों को जोड़ने वाली भारत की पहली अर्ध-उच्च गति क्षेत्रीय रेल प्रणाली, नमो भारत कॉरिडोर के विशाल आकार और रणनीतिक महत्व को देखते हुए, एनसीआरटीसी ने शुरू में 240 कर्मियों के प्रशिक्षण का अनुरोध किया है। अपने प्रशिक्षण प्रकोष्ठ "कवच" के माध्यम से, सीआईएसएफ, मेट्रो और शहरी परिवहन सुरक्षा प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बन गया है। यह प्रकोष्ठ दिल्ली मेट्रो रेल निगम में तैनात सीआईएसएफ सुरक्षा कर्मियों के लिए प्रमाणित पाठ्यक्रम, संसद भवन परिसर जैसी संवेदनशील प्रतिष्ठानों के लिए आंतरिक सुरक्षा प्रमाणन कार्यक्रम और परिचालन तत्परता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से सॉफ्ट स्किल्स, फर्स्ट रिस्पॉन्डर और रिफ्रेशर पाठ्यक्रम आयोजित करता है।
प्रकोष्ठ ने विदेश मंत्रालय के भारत स्थित सुरक्षा सहायकों और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कर्मियों के लिए नियमित रूप से सुरक्षा उपकरण संचालन पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनमें से कई भारतीय दूतावासों में तैनात हैं। अकेले 2025 में, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ ने पटना मेट्रो में तैनाती के लिए बिहार सशस्त्र पुलिस के 197 कर्मियों को प्रशिक्षित किया, जिसका उद्घाटन अक्टूबर 2025 में हुआ था। इससे मेट्रो सुरक्षा क्षमता निर्माण में सीआईएसएफ के नेतृत्व को और मजबूती मिली है।
भविष्य की दृष्टि से एक पहल के तहत, सीआईएसएफ यूनिट, डीएमआरसी, गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के अंतिम चरण में है। यह एमओयू, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ को उसके कार्यक्रमों के प्रत्यायन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक और व्यावसायिक मान्यता प्रदान करेगा। इसके साथ ही आंतरिक सुरक्षा में अनुसंधान, नवाचार और संरचित प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा। यह पहल, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ को एनसीआरटीसी की नमो भारत सेवाओं सहित अन्य मेट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क के कर्मियों को प्रमाणित करने में सक्षम बनाएगा।
सरकार द्वारा मानकीकरण, व्यावसायिकता और भविष्य के लिए तैयार सुरक्षा समाधानों पर दिए जा रहे जोर के अनुरूप, इस सुविधा को मेट्रो सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र में उन्नत करने का भी प्रस्ताव है। ऐसी पहलों के माध्यम से, सीआईएसएफ, भारत के विस्तारित शहरी परिवहन तंत्र की सुरक्षा और सुरक्षित, लचीले और वैश्विक स्तर पर मानकीकृत सार्वजनिक अवसंरचना की दिशा में राष्ट्र के सफर में सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता रहता है।