फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Name Was In The List Of General Secretaries But Made Lieutenant Governor, All Decision Taken At The PM Modi Level

महासचिवों की सूची में था नाम, बना दिए उपराज्यपाल, किसी को नहीं लगी रत्तीभर भी भनक

Sat, 08 Aug 2020 05:02 AM IST
योगेश साहू हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली।
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 08 Aug 2020 05:02 AM IST
विज्ञापन
Name Was In The List Of General Secretaries But Made Lieutenant Governor, All Decision Taken At The PM Modi Level
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा

अगर सबकुछ ठीक रहता तो जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल बनाए गए मनोज सिन्हा भाजपा केंद्रीय संगठन में महासचिव होते। करीब एक महीने पहले तैयार की गई नई केंद्रीय टीम की सूची में काफी विचार विमर्श के बाद सिन्हा को महासचिव बनाने पर सहमति बनी थी।

विज्ञापन


इसी बीच सूची जारी होने से पहले ही सिन्हा को केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बना दिया गया। सूत्रों के मुताबिक बीते लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले सिन्हा को महासचिव बनाने पर गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा दोनों की सहमति थी।
विज्ञापन


इसी सहमति के आधार पर नई टीम की तैयार की गई सूची में उन्हें बतौर महासचिव जगह दी गई थी। गौरतलब है कि एक महीने पूर्व तैयार की गई सूची को अब तक जारी नहीं किया गया है। इसे मोदी मंत्रिमंडल में इसी महीने संभावित विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अचानक बदली परिस्थिति
जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक पहल के संदर्भ में सरकार में शीर्ष स्तर पर भले ही लगातार मंथन हो रहा था, मगर बाहर इसकी भनक भी नहीं थी। यहां तक कि निवर्तमान उपराज्यपाल जीसी मुर्मू को भी इसकी भनक नहीं थी कि उन्हें अचानक नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। यही कारण है कि बुधवार को अचानक इस्तीफा देने वाले मुर्मू का  बृहस्पतिवार को कई लोगों से मिलने का कार्यक्रम तय था। बुधवार को शाम में इधर मुर्मू को इस्तीफा देने का निर्देश मिला तो इसी दौरान सिन्हा की पीएम से मुलाकात हुई।


जल्द सक्रिय राजनीति में लौटेंगे सिन्हा
पीएम की पसंद से सिन्हा को उपराज्यपाल बनाया जाना उनकी सक्रिय राजनीति का अंत नहीं है। सूत्रों का कहना कि सिन्हा को यह जिम्मेदारी बमुश्किल दो साल के लिए मिली है। इसके बाद वह फिर से सक्रिय राजनीति में लौटेंगे। चूंकि फिलहाल राज्य में राजनीतिक पहल की जरूरत थी। ऐसे में पीएम मोदी ने अपने विश्वस्त मनोज सिन्हा पर भरोसा जताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed