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यूपी के मछुआरों की किस्मत बदलेगा नमामि गंगे मिशन 

Fri, 05 Aug 2016 02:39 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 05 Aug 2016 02:39 AM IST
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Namami Ganga mission will bring change in the lives of the fishermen
उमा भारती

नमामि गंगे मिशन से न सिर्फ बदहाल गंगा को नया जीवन मिलेगा, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के मछुआरों की भी किस्मत बदलेगी। दरअसल हिलसा मछली को पहले की तरह फरक्का से चंबल तक लाने के लिए इस मिशन के तहत फरक्का बैराज में फीश लैडर बनाने का फैसला किया गया है।

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इस आशय की घोषणा करते हुए गंगा पुनरुद्घार मंत्री उमा भारती ने अविरल और निर्मल गंगा के लिए वर्ष 2018 में कानून बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कानून के लिए संसद में बिल लाने से पहले गंगा किनारे बसे करीब 6000 गांव और घाट को पूरी तरह निर्मल कर दिया जाएगा।
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उमा ने कहा कि जब आए हैं गंगा के दर पर तो कुछ करके उठेंगे, या तो गंगा निर्मल हो जाएगी या मर के उठेंगे। उमा ने कहा कि दशकों पहले हिलसा मछली पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों की आय का बड़ा स्रोत थी। मगर फरक्का बैराज बनने के बाद गंगा की अविरलता प्रभावित हुई।
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इस कारण हिलसा सहित कई जल जीव विलुप्त हो गए। पुरानी स्थिति बहाल करने के लिए अब फरक्का में फीश लैडर बनाने की योजना है। फीश लैडर के निर्माण से हिलसा मछलियों को अनुकूल वातावरण मिलेगा। इससे हिलसा मछली एक बार फिर से फरक्का से चंबल तक दिखाई देगी।

गंगा में नहीं डाला जाएगा शोधित जल

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गंगा दशहरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

निकट भविष्य में शोधित जल गंगा में नहीं डाला जाएगा। मथुरा और वृंदावन के शोधित जल का इस्तेमाल विद्युत मंत्रालय मथुरा रिफाइनरी के लिए करेगा। बनारस के शोधित जल का इस्तेमाल रेलवे करेगा। इस संबंध में जल्द ही मंत्रालयों के बीच समझौता होगा।

दशकों पहले गंगा के जिस हिस्से में जो जल जीव मौजूद थे, उन हिस्सों में उन्हीं जीवों को एक बार फिर से छोड़ा जाएगा। उमा ने बताया कि प्रदूषण के कारण स्त्रगंगा की डॉल्फिन अंधी हो गई हैं।

स्वर्ण मछली सहित कई जीव विलुप्त हो गए हैं। गंगा के किनारे बसे गांवों, घाटों की हालत सुधारने के लिए ऐसे जीवों को एक बार फिर से गंगा के अलग-अलग हिस्सों में डालकर स्थिति का आकलन किया जाएगा।

स्वच्छ गंगा अभियान के लिए मिला 132 करोड़ का चंदा

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गंगास्नान - फोटो : अमर उजाला

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ गंगा अभियान के लिए बनाए गए कोष में अब तक चंदे के रूप में 132 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं। लोकसभा में राज्य जल संसाधन मंत्री विजय गोयल ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि स्वच्छ गंगा अभियान के लिए निर्मित कोष में आम जनता, अप्रवासी भारतीयों, सरकारी व निजी कंपनियों के योगदान से अब तक करीब 132 करोड़ रुपए एकत्रित हो चुके हैं।

इस फंड का प्रयोग स्वच्छ गंगा अभियान को सफल बनाने में किया जाएगा।

एक और प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि निजी कंपनियां कारपोरेट सोशल रिस्पॉंसबिलिटी के तहत कोष में दान कर सकती हैं जिससे वह आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80जी के तहत कर लाभ भी ले सकती हैं। 

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