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India-Sri Lanka Ties: जल्द शुरू होगी नागपट्टिनम-कांकेसंथुराई नौका सेवा, एक साल पहले पीएम ने किया था शुभारंभ
Wed, 31 Jul 2024 11:24 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 31 Jul 2024 11:24 PM IST
सार
India-Sri Lanka Ties: भारत और श्रीलंका के बीच नौका सेवा दोनों देशों के राजनयिक और आर्थिक संबंधों की दिशा में एक नया अध्याय है। इसे लेकर श्रीलंका के उच्चायोग के वाणिज्य मंत्री गेशान दिसानायके ने दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के बारे में आशा व्यक्त की है।
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जल्द शुरू होगी नागपट्टिनम-कांकेसंथुराई के बीच नौका सेवा
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत के नागपट्टिनम और श्रीलंका के उत्तरी प्रांत जाफना के कांकेसंथुराई (केकेएस) क्षेत्र के बीच यात्री नौका सेवा पिछले साल 14 अक्टूबर, 2023 को शुरू की गई थी, लेकिन खराब मौसम की वजह से कुछ दिनों बाद ही बंद हो गई। तब से सेवाओं की बहाली कई बार रोकी गई है। ये नौका सेवा इस साल मई महीने में फिर से शुरू होने वाली थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
नौका सेवाएं इस साल फिर से शुरू होंगी- दिसानायके
भारत में श्रीलंका के उच्चायोग के वाणिज्य मंत्री गेशान दिसानायके ने बताया कि तमिलनाडु के नागपट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंथुराई के बीच यात्री नौका सेवाएं इस साल फिर से शुरू होंगी। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के बारे में आशा व्यक्त की। श्रीलंकाई अधिकारी ने कहा कि तलाईमन्नार घाट, जो नौका सेवाओं के साथ भारत के लिए एक मार्ग के रूप में कार्य करता था, उसकी मरम्मत की जा रही है और एक बार घाट के बन जाने पर तमिलनाडु के रामेश्वरम से यात्रा की सुविधा होगी। दिसानायके ने नई दिल्ली में फिक्की की तरफ से आयोजित तीसरे आउटबाउंड पर्यटन शिखर सम्मेलन के अवसर पर बताया कि फिलहाल हम नागपट्टिनम से कांकेसंथुराई तक नौका सेवा फिर से शुरू करने जा रहे हैं और हम तलाईमन्नार घाट की भी मरम्मत कर रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से यह रामेश्वरम से तलाईमन्नार को जोड़ता था, इसलिए भविष्य में ऐसा भी होगा।
अभी छोटी नावों का किया जा रहा उपयोग- दिसानायके
श्रीलंकाई अधिकारी ने कहा कि ऑपरेटर अभी छोटी नावों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन निश्चित रूप से एक बार जब यह शुरू हो जाएगा और एक बार जब यह गति पकड़ लेगा तो निश्चित रूप से वे बड़ी नावों का भी उपयोग करेंगे, जैसे जहाज, रोल-डाउन, रोल-ऑफ फेरी जैसी चीजें, जहां आप अपने वाहन रख सकते हैं और जा सकते हैं। वहीं इस फेरी की आवृत्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे एक निश्चित समय के लिए संचालित होंगी।
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60 नॉटिकल मील की दूरी लगभग 3.5 घंटे में पूरी की जाएगी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से संचालित हाई-स्पीड फेरी की क्षमता 150 यात्रियों की है। नागपट्टिनम और केकेएस के बीच लगभग 60 नॉटिकल मील (110 किलोमीटर) की दूरी समुद्र की स्थिति के आधार पर लगभग 3.5 घंटे में पूरी की जाएगी। ये सेवा शुरू करने के लिए, भारत सरकार ने नागपट्टिनम बंदरगाह पर सुविधाओं को उन्नत करने में तमिलनाडु समुद्री बोर्ड का समर्थन किया। इसी तरह, श्रीलंका सरकार ने केकेएस बंदरगाह पर आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया है।
इस बीच, श्रीलंकाई अधिकारी ने भी भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों की सराहना की और उन्हें इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि श्रीलंका में स्थिति सामान्य होने के साथ, भारतीयों समेत दुनिया भर से पर्यटकों का आगमन भी चरम पर है।
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नौका सेवाएं इस साल फिर से शुरू होंगी- दिसानायके
भारत में श्रीलंका के उच्चायोग के वाणिज्य मंत्री गेशान दिसानायके ने बताया कि तमिलनाडु के नागपट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंथुराई के बीच यात्री नौका सेवाएं इस साल फिर से शुरू होंगी। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के बारे में आशा व्यक्त की। श्रीलंकाई अधिकारी ने कहा कि तलाईमन्नार घाट, जो नौका सेवाओं के साथ भारत के लिए एक मार्ग के रूप में कार्य करता था, उसकी मरम्मत की जा रही है और एक बार घाट के बन जाने पर तमिलनाडु के रामेश्वरम से यात्रा की सुविधा होगी। दिसानायके ने नई दिल्ली में फिक्की की तरफ से आयोजित तीसरे आउटबाउंड पर्यटन शिखर सम्मेलन के अवसर पर बताया कि फिलहाल हम नागपट्टिनम से कांकेसंथुराई तक नौका सेवा फिर से शुरू करने जा रहे हैं और हम तलाईमन्नार घाट की भी मरम्मत कर रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से यह रामेश्वरम से तलाईमन्नार को जोड़ता था, इसलिए भविष्य में ऐसा भी होगा।
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अभी छोटी नावों का किया जा रहा उपयोग- दिसानायके
श्रीलंकाई अधिकारी ने कहा कि ऑपरेटर अभी छोटी नावों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन निश्चित रूप से एक बार जब यह शुरू हो जाएगा और एक बार जब यह गति पकड़ लेगा तो निश्चित रूप से वे बड़ी नावों का भी उपयोग करेंगे, जैसे जहाज, रोल-डाउन, रोल-ऑफ फेरी जैसी चीजें, जहां आप अपने वाहन रख सकते हैं और जा सकते हैं। वहीं इस फेरी की आवृत्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे एक निश्चित समय के लिए संचालित होंगी।
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60 नॉटिकल मील की दूरी लगभग 3.5 घंटे में पूरी की जाएगी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से संचालित हाई-स्पीड फेरी की क्षमता 150 यात्रियों की है। नागपट्टिनम और केकेएस के बीच लगभग 60 नॉटिकल मील (110 किलोमीटर) की दूरी समुद्र की स्थिति के आधार पर लगभग 3.5 घंटे में पूरी की जाएगी। ये सेवा शुरू करने के लिए, भारत सरकार ने नागपट्टिनम बंदरगाह पर सुविधाओं को उन्नत करने में तमिलनाडु समुद्री बोर्ड का समर्थन किया। इसी तरह, श्रीलंका सरकार ने केकेएस बंदरगाह पर आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया है।
इस बीच, श्रीलंकाई अधिकारी ने भी भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों की सराहना की और उन्हें इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि श्रीलंका में स्थिति सामान्य होने के साथ, भारतीयों समेत दुनिया भर से पर्यटकों का आगमन भी चरम पर है।