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विधायकों की बगावत से नगालैंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Fri, 17 Feb 2017 09:22 AM IST
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नागालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग
- फोटो : Social Media
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महिला आरक्षण के मुद्दे पर पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायकों ने मुख्यमंत्री टी.आर.जेलियांग के खिलाफ बगावत का बिगुल बजा दिया है। राज्य में विधानसभा की 60 सीटों में से पार्टी के पास 49 विधायक हैं, लेकिन उनमें से 42 ने पाला बदलते हुए एनपीएफ अध्यक्ष एस. लेजित्सु का समर्थन करने का एलान किया है। यहां साझा सरकार में भाजपा भी शामिल है।
अब विधायकों के पाला बदलने के बाद मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को दिल्ली गए हैं ताकि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिल कर अपनी कुर्सी बचा सकें।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन करने वाले नगा संगठनों ने तमाम विधायकों को मुख्यमंत्री से समर्थन वापस लेने के लिए 17 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया था। इन संगठनों ने धमकी दी थी कि अगर शुक्रवार तक विधायकों ने जेलियांग से समर्थन वापस नहीं लिया, तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उनको उनके चुनाव क्षेत्रों में नहीं घुसने दिया जाएगा।
एनपीएफ सूत्रों ने बताया कि बुधवार देर रात विधायकों की एक बैठक में 81 साल के लेजित्सु को विधायक दल का नया नेता बनाने का फैसला किया गया। राज्य के इकलौते राज्यसभा सांसद के.जी.केनी ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि लेजित्सु ने विधायक दल का नेता बनना स्वीकार कर लिया है। अब बस सरकार बदलने की देर है।
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क्या राज्य के हालात को सामान्य बनाने के लिए ही यह फैसला किया गया है। इस पर उनका कहना था कि यही पहली और अकेली वजह है। एक अन्य सवाल पर केनी का कहना था कि एनपीएफ में कोई आंतरिक संकट नहीं है। जेलियांग के इस्तीफे की मांग में बढ़ते चौतरफा दबाव की वजह से ही राज्य के हित में यह फैसला किया गया है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि जेलियांग दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। ध्यान रहे कि महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का विरोध कर रहे नगा संगठनों ने राज्य में बेमियादी बंद की अपील की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के इस्तीफा नहीं देने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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अब विधायकों के पाला बदलने के बाद मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को दिल्ली गए हैं ताकि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिल कर अपनी कुर्सी बचा सकें।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन करने वाले नगा संगठनों ने तमाम विधायकों को मुख्यमंत्री से समर्थन वापस लेने के लिए 17 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया था। इन संगठनों ने धमकी दी थी कि अगर शुक्रवार तक विधायकों ने जेलियांग से समर्थन वापस नहीं लिया, तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उनको उनके चुनाव क्षेत्रों में नहीं घुसने दिया जाएगा।
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एनपीएफ सूत्रों ने बताया कि बुधवार देर रात विधायकों की एक बैठक में 81 साल के लेजित्सु को विधायक दल का नया नेता बनाने का फैसला किया गया। राज्य के इकलौते राज्यसभा सांसद के.जी.केनी ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि लेजित्सु ने विधायक दल का नेता बनना स्वीकार कर लिया है। अब बस सरकार बदलने की देर है।
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क्या राज्य के हालात को सामान्य बनाने के लिए ही यह फैसला किया गया है। इस पर उनका कहना था कि यही पहली और अकेली वजह है। एक अन्य सवाल पर केनी का कहना था कि एनपीएफ में कोई आंतरिक संकट नहीं है। जेलियांग के इस्तीफे की मांग में बढ़ते चौतरफा दबाव की वजह से ही राज्य के हित में यह फैसला किया गया है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि जेलियांग दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। ध्यान रहे कि महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का विरोध कर रहे नगा संगठनों ने राज्य में बेमियादी बंद की अपील की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के इस्तीफा नहीं देने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।