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प्रतिनियुक्ति पर बुलाए गए तीनों आईपीएस अधिकारियों को मानना ही होगा आदेश, ममता सरकार का नहीं चलेगा जोर

Sat, 12 Dec 2020 10:46 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sat, 12 Dec 2020 10:46 PM IST
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Nadda convoy attacked : MHA bypasses Bengal govt, calls 3 IPS officers on central deputation
गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : ANI

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी  (भाजपा)  अध्यक्ष जे. पी. नड्डा के काफिले पर हुए हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मंत्रालय ने तीनों अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में बुलाया है।  इन अधिकारियों के पास गृह मंत्रालय का आदेश मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और पश्चिम बंगाल सरकार उन्हें कार्यमुक्त करने के लिए बाध्य है।

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 ममता सरकार चाह कर भी इन अधिकारियों को रोक नहीं सकती। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जेपी नड्डा की सुरक्षा में लापरवाही के चलते शनिवार को ये कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि बीजेपी प्रमुख जे. पी. नड्डा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार पश्चिम बंगाल के तीन आईपीएस अधिकारियों को गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सेंट्रल डेप्युटेशन पर सर्विस के लिए बुला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के जिन तीन अधिकारियों को शनिवार को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवा के लिये बुलाया गया है, उनके पास आदेश मानने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं है और पश्चिम बंगाल सरकार उन्हें कार्यमुक्त करने के लिए बाध्य है।
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आदेश मानने के अलावा कोई चारा नहीं 
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के जिन तीन अधिकारियों को शनिवार को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवा के लिए बुलाया गया है, उनके पास आदेश मानने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं है और पश्चिम बंगाल सरकार उन्हें कार्यमुक्त करने के लिए बाध्य है।
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क्या है नियम 
भारतीय पुलिस सेवा (कैडर) नियमावली, 1954 के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के बीच किसी प्रकार की असहमति होने पर संबंधित राज्य सरकार को केंद्र सरकार का निर्णय मानना होगा। प्रतिनियुक्ति के नियमों के अनुसार, किसी अधिकारी को राज्य और केंद्र सरकार की सहमति से केंद्र सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार की सेवा के लिए या केंद्र सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी या संघ आदि में प्रतिनियुक्त किया जा सकता है। नियमों के अनुसार, किसी प्रकार की असहमति होने पर मामले पर निर्णय केंद्र सरकार लेगी और राज्य सरकार को उस निर्णय को लागू करना होगा।

भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय कैडर नियंत्रक प्राधिकरण है।

डायमंड हार्बर के एसपी भोलानाथ पांडेय 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। प्रेसीडेंसी रेंज के डीआईजी प्रवीण त्रिपाठी, 2004 बैच और दक्षिण बंगाल के एडीजी राजीव मिश्रा 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।पश्चिम बंगाल कैडर के इन तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार की सेवा में प्रतिनियुक्ति पर बुलाया गया है।पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के काफिले पर गुरुवार को हमला हुआ था और इस संबंध में कथित तौर पर सुरक्षा में हुई चूक के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है।


टीमएससी ने हमला बोला 
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय और पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र को राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए 14 दिसंबर को पेश होने को कहा था। वहीं, राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी 10 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना जिले में नड्डा के काफिले पर हुए हमले की पृष्ठभूमि में केंद्र को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। बंगाल केअधिकारियों को दिल्ली तलब किए जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने हमला बोला था। 

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