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Mizoram: मिजोरम सरकार की अनुमति के बिना घर नहीं खरीद पाएंगे म्यांमार के शरणार्थी, पढ़ें आदेश की अहम बातें

Sun, 18 Sep 2022 10:53 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, आईजोल
पीटीआई, आईजोल Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 18 Sep 2022 10:53 PM IST
सार

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के विभिन्न हिस्सों में करीब 156 राहत शिविर बनाए गए हैं। म्यांमार के नागरिकों को राज्य सरकार, गैर सरकारी संगठनों, चर्चों और गांव के अधिकारियों द्वारा भोजन और अन्य राहत प्रदान की जाती है।

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Myanmar refugees not to purchase land or house without Mizoram government permission
Mizoram government - फोटो : Wikipedia

विस्तार

मिजोरम सरकार ने राज्य में शरण लिए हुए म्यांमार के नागरिकों के लिए एक आदेश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि म्यांमार के शरणार्थी राज्य सरकार की अनुमित के बिना न जमीन खरीद पाएंगे और न किसी भी तरह व्यवसाय चला पाएंगे साथ ही आदेश में कहा गया है कि शरणार्थी अवैध व्यवसाय भी न करें।

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आधार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी अप्लाई नहीं कर सकते शरणार्थी
सरकार के आदेश में कहा गया है कि शरणार्थी अपने वाहनों के बारे में संबंधित स्थानीय या ग्राम स्तरीय समिति को सूचित करें। म्यांमार के शरणार्थी अपने देश से वाहनों को लाए हैं। आदेश में कहा गया है कि शरण लिए लोग आधार, राज्य मतदाता सूची या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी नामांकन नहीं कर सकते।
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आदेश का सख्ती से पालन किया जाए
सरकार ने सभी स्थानीय और ग्राम स्तर की समितियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आदेश का सख्ती से पालन किया जाए और आदेश के उल्लंघन के मामले में म्यांमार शरणार्थियों पर जिला कार्य समूह के अध्यक्ष को रिपोर्ट करें। गृहमंत्री लालचमलियाना ने हाल ही में राज्य विधानसभा को सूचित किया था कि पिछले साल फरवरी में सैन्य सत्ता पर कब्जा करने के बाद से म्यांमार के 30,401 नागरिकों ने अब तक मिजोरम में शरण ली है। मिजोरम म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर लंबी झरझरा सीमा साझा करता है।
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 अस्थायी शिविरों में रह रहे लोग
मिजोरम में शरण लेने वाले म्यांमार के नागरिक ज्यादातर चिन समुदायों से हैं, जो मिजोरम के साथ जातीयता और वंश से जुड़े हुए हैं। अधिकांश शरणार्थी सरकार और गांव के अधिकारियों द्वारा स्थापित अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, जबकि कुछ ने किराए पर घर ले लिया है और कुछ अन्य अपने स्थानीय रिश्तेदारों के साथ रहते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के विभिन्न हिस्सों में करीब 156 राहत शिविर बनाए गए हैं। म्यांमार के नागरिकों को राज्य सरकार, गैर सरकारी संगठनों, चर्चों और गांव के अधिकारियों द्वारा भोजन और अन्य राहत प्रदान की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक म्यांमार के नागरिकों को 380 लाख रुपये की राहत राशि मुहैया कराई है।

शरणार्थियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि
पिछले साल, मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने केंद्र से म्यांमार शरणार्थियों को मानवीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया था। पिछले साल दिसंबर में, राज्य सरकार ने राज्य में आ रहे म्यांमार नागरिकों की संख्या में लगातार वृद्धि के कारण म्यांमार शरणार्थियों की निगरानी के लिए लालचमलियाना की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।

 
वहीं अब तक 30,401 म्यांमार के नागरिकों का दस्तावेजीकरण किया गया है और उनमें से 30,144 को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। हालांकि सरकार की योजना का लाभ उठाने के लिए यह पहचान पत्र मान्य नहीं है। आईडी कार्ड केवल मिजोरम में मान्य है।

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