जेएनयू बवाल: छात्रों पर हुए हमले के खिलाफ मुंबई में आधी रात से छात्र कर रहे हैं प्रदर्शन
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मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर रविवार रात को जवाहर लाल विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा के खिलाफ कुछ छात्र आधी रात से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस हमले की निंदा की है। जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और कुणाल कामरा उस समूह का हिस्सा थे जिन्होंने जेएनयू छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए कैंडल मार्च निकाला।
Mumbai: Students continue to protest outside Gateway of India against yesterday's violence in Jawaharlal Nehru University (JNU). #Maharashtra https://t.co/6uNb1f9iZR pic.twitter.com/6p2sikQLgl
— ANI (@ANI) January 6, 2020
ज्यादातर युवा जिसमें विभिन्न कॉलेजों के छात्र शामिल हैं, वह हिंसा की निंदा करने के लिए गेटवे ऑफ इंडिया के पास होटल ताज के फुटपाथ पर इकट्ठा हुए। एक छात्र ने कहा, 'हम सभी एक छोटी सी सूचना मिलने के बाद यहां पहुंचे हैं।' रविवार रात को जेएनयू में हिंसा तब भड़क गई जब लाठी और रॉड लिए नकाबपोश आदमियों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया और कैंपस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। जिसके बाद प्रशासन ने पुलिस को फोन करके बुलाया। जिसने वहां फ्लैग मार्च किया।
इस घटना में लगभग 28 लोग जिसमें जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आईशी घोष घायल हो गई हैं। यहां नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और हॉस्टल में घुसकर हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने परिसर में तब प्रवेश किया जब जेएनयू शिक्षक संघ द्वारा परिसर में हिंसा के मुद्दे पर एक बैठक की जा रही थी और छात्रों व अध्यापकों के साथ मारपीट की गई।
नकाबपोश तीन होस्टलों के अंदर घुसे। टीवी चैनल पर चलाई गई वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोगों का समूह हाथों में हॉकी स्टिक और रॉड लिए हुए कैंपस में घूम रहा है। लेफ्ट ने जहां इस हमले के लिए एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं जेएनयूएसयू ने एबीवीपी पर आरोप लगाए हैं।