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Mumbai: मेडिकल में दाखिले के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार
Fri, 20 Jan 2023 06:45 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 20 Jan 2023 06:45 AM IST
सार
नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि आरोपियों ने ठाणे जिले के नवी मुंबई के अलावा मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी की थी।
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मेडिकल कॉलेजों सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
नवी मुंबई पुलिस ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर छात्रों से 3.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि आरोपियों ने ठाणे जिले के नवी मुंबई के अलावा मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी की थी। पिछले पांच-सात साल से सक्रिय गिरोह के सदस्य प्री-मेडिकल, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कम अंक पाने वाले छात्रों से संपर्क करते थे और मोटी रकम के एवज में उन्हें मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की पेशकश करते थे। आरोपी मुंबई और नवी मुंबई के सात प्रमुख मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन में अपना प्रभाव होने का दावा कर पीड़ित छात्रों का विश्वास हासिल करते थे और उन्हें जाली प्रवेश पत्र उपलब्ध करवाकर उससे नकद या डिजिटल माध्यम से पैसे लेते थे।
प्रभाव दिखाने के लिए कॉलेजों के दफ्तर ले जाते थे आरोपी
अधिकारी ने बताया कि आरोपी उन वेबसाइटों से छात्रों का विवरण प्राप्त करते थे, जहां उन्होंने प्रवेश के लिए आवेदन किया था। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी अपना प्रभाव दिखाने के लिए छात्रों को मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) के कार्यालय ले जाते थे और फिर उन्हें फर्जी प्रवेश पत्र देते थे।
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नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि आरोपियों ने ठाणे जिले के नवी मुंबई के अलावा मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों के छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी की थी। पिछले पांच-सात साल से सक्रिय गिरोह के सदस्य प्री-मेडिकल, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कम अंक पाने वाले छात्रों से संपर्क करते थे और मोटी रकम के एवज में उन्हें मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की पेशकश करते थे। आरोपी मुंबई और नवी मुंबई के सात प्रमुख मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन में अपना प्रभाव होने का दावा कर पीड़ित छात्रों का विश्वास हासिल करते थे और उन्हें जाली प्रवेश पत्र उपलब्ध करवाकर उससे नकद या डिजिटल माध्यम से पैसे लेते थे।
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प्रभाव दिखाने के लिए कॉलेजों के दफ्तर ले जाते थे आरोपी
अधिकारी ने बताया कि आरोपी उन वेबसाइटों से छात्रों का विवरण प्राप्त करते थे, जहां उन्होंने प्रवेश के लिए आवेदन किया था। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी अपना प्रभाव दिखाने के लिए छात्रों को मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) के कार्यालय ले जाते थे और फिर उन्हें फर्जी प्रवेश पत्र देते थे।
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