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मुंबई मेट्रो कारशेड विवादः नमक की जमीन पर केंद्र सरकार का विरोध दरकिनार, राज्य सरकार ने जारी की नई अधिसूचना

Sat, 07 Nov 2020 08:05 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 07 Nov 2020 08:05 PM IST
सार

महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार ने कांजुरमार्ग में मेट्रो कारशेड बनाने की अपनी योजना को गति देने के लिए 43.76 हेक्टेयर जमीन के आरक्षण में बदलाव कर नई अधिसूचना जारी की है...

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Mumbai Metro Car Shed Controversy: Maharashtra government issues new notification, bypassing central government's protest on salt land
मुंबई मेट्रो

विस्तार

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महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के विरोध को दरकिनार करते हुए मुंबई में मेट्रो रेल कारशेड की जमीन के लिए नई अधिसूचना जारी कर दी है। साथ ही, मेट्रो कारशेड बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इससे राज्य व केंद्र के बीच शुरू जमीन विवाद में नया मोड़ आ गया है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के आरे कालोनी में मेट्रो कारशेड का काम शुरू कराया था, जिसे रद्द कर उद्धव ठाकरे की सरकार ने कांजुरमार्ग में नमक की जमीन पर मेट्रो रेल कारशेड बनाने की घोषणा की है।

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केंद्रीय उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन मंत्रालय (डीपीआईआईटी) ने राज्य सरकार के फैसले का विरोध किया है। डीपीआईटीटी ने इसे अपनी जमीन बताते हुए राज्य के मुख्य सचिव संजय कुमार को पत्र भेजा था। पत्र में कहा गया था कि कांजुरमार्ग स्थित जिस जमीन पर मेट्रो रेल कारशेड बनाने की योजना है वह जमीन केंद्र सरकार की है।
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इसलिए मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर मेट्रो कारशेड का काम रुकवाया जाए। साथ ही, मुंबई उपनगर जिलाधिकारी से कहें कि जो जमीन मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को आवंटित की गई है, उसे तत्काल रद्द करें। केंद्र सरकार के इस पत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। अब राज्य सरकार नई अधिसूचना जारी कर केंद्र सरकार से सीधे टकराव की मुद्रा में आ गई है।

फडणवीस के फैसले को आधार बनाकर आक्रामक हुई ठाकरे सरकार

महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार ने कांजुरमार्ग में मेट्रो कारशेड बनाने की अपनी योजना को गति देने के लिए 43.76 हेक्टेयर जमीन के आरक्षण में बदलाव कर नई अधिसूचना जारी की है। इससे मेट्रो कारशेड बनाने में आ रही अड़चन दूर होने की बात कही जा रही है। महाविकास आघाड़ी सरकार ने पूर्ववर्ती फडणवीस सरकार के एक फैसले को आधार बनाते हुए कांजुरमार्ग की जमीन पर मेट्रो कारशेड बनाने पर आक्रामक तरीका अपनाया है।

दरअसल, फडणवीस सरकार ने 8 मई 2018 को अधिसूचना जारी कर बृहन्मुंबई विकास योजना के अंतर्गत विकास नियंत्रण व प्रोत्साहन नियमावली 2034 को मंजूरी दी थी। इसके तहत विकास योजना में उक्त जमीन उद्यान, स्कूल, बेघरों के लिए घर, पुलिस थाना, पुलिसकर्मियों के लिए घर आदि के लिए आरक्षित किया गया था। अब ठाकरे सरकार ने इस आरक्षण में परिवर्तन कर नई अधिसूचना जारी की है जिससे इस जमीन का उपयोग मेट्रो कारशेड के निर्माण के लिए हो सकेगा।

भाजपा ने दी खुली चर्चा का चुनौती

इधर, भाजपा के पूर्वमंत्री आशिष शेलार ने इस जमीन को लेकर महाविकास आघाडी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पर्यावरणमंत्री आदित्य ठाकरे को खुली चर्चा की चुनौती दी है। भाजपा विधायक शेलार ने सवाल किया कि क्या ठाकरे सरकार नमक की जमीन पर अप्रत्यक्ष तरीके से 50 हजार करोड़ रुपये की जमीन के हस्तांतरण में कांग्रेस के साथ गोरखधंधे में शमिल है। मुख्यमंत्री ठाकरे को पत्र लिखा है कि कांजुरमार्ग की जमीन राज्य की नहीं बल्कि केंद्र सरकार की है। वर्ष 1983 में सबसे पहले केंद्र ने यह दावा किया था।

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